बीजापुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 4 जून। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई)के तहत जिले में बन रही सडक़ों की गुणवत्ता को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रमुख अभियंता के.के. कटारे के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान कई निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदारों को फटकार लगाते हुए गुणवत्ता सुधारने तक भुगतान रोकने की चेतावनी दी है।
निरीक्षण के दौरान भोपालपटनम विकासखंड की उलूर-केरपे सडक़ का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने पाया कि सडक़ निर्माण में कई स्थानों पर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है। सडक़ किनारे खाईनुमा खुदाई कर अर्थवर्क किए जाने और मनमाने ढंग से पुलियों का निर्माण करने पर भी नाराजगी जताई गई। प्रमुख अभियंता ने ठेकेदार अंकित गुप्ता को निर्देश दिए कि सभी त्रुटिपूर्ण पुलियों को तोडक़र विभागीय अभियंताओं के मार्गदर्शन में पुन: निर्माण कराया जाए तथा सडक़ किनारे की गई खुदाई को भरकर कटाव की आशंका समाप्त की जाए।
इसी प्रकार पालनार-रेगडगट्टा मार्ग तथा भैरमगढ़-बीजापुर रोड से बड़ेतुंगली तक चल रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित ठेकेदारों को गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सडक़ों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि बेहतर सडक़ संपर्क से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं बाजार तक पहुंच आसान होगी। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।


