बेमेतरा

महिला मोर्चा पानी बचाने चलाएगी अभियान-प्रज्ञा
06-Jun-2026 4:12 PM
महिला मोर्चा पानी बचाने चलाएगी अभियान-प्रज्ञा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 6 जून। भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी ने जिले में गंभीर जल पर कहा कि पानी का संकट, सिर्फ पर्यावरण नहीं, हमारी रसोई और अस्मिता का संकट है, सिर्फ बातें नहीं, जल क्रांति की आवश्यकता है।  महिला मोर्चा घर-घर जाकर ‘एक बूंद-एक संकल्प’ अभियान चलाएगा।

उन्होंने कहा कि जैसे बैंक से पूरा पैसा निकाल लो तो खाता दिवालिया हो जाता है, वैसे ही अगर हमने धरती की कोख से बिना सोचे-समझे पानी निकाला, तो हम वाटर बैंकरप्ट (जल दिवालिया) हो जाएंगे,और याद रखिए, पैसे का दिवालियापन इंसान को गरीब बनाता है, लेकिन पानी का दिवालियापन पूरी सभ्यता को मिटा देता है।

जिले के शहर और गाँव में गहराते जल संकट पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हम ‘वाटर बैंकरप्ट्सी’की ओर बढ़ रहे हैं। हमारे दरवाज़े पर खड़ी भयानक हकीकत है, अगर हम आज नहीं जागे, तो आने वाली पीढिय़ां बूंद-बूंद के लिए तरसेंगी।

रसोई से शुरू होगी जल क्रांति, महिलाओं से अपील

प्रज्ञा निर्वाणी ने सीधे गृहणियों और मातृशक्ति से अपील करते हुए कह एक माँ और घर की गृहणी होने के नाते, पानी की कीमत हमसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता,सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, पानी हमारी जि़ंदगी की धुरी है,लेकिन जाने-अनजाने हमारी रसोई और घरों से ही पानी की सबसे ज्यादा बर्बादी भी होती है,वक्त आ गया है कि महिलाएं जल संकट के खिलाफ सेनापति की भूमिका निभाएं।

आम जनता से तीन बुनियादी संकल्प

आरओ फि़ल्टर से निकलने वाले एक्स्ट्रा पानी को फेंकने के बजाय पोछा लगाने, बर्तन धोने या पौधों में डालने के लिए इस्तेमाल करें। रसोई में सब्जियां धोने के बाद उस पानी को सिंक में बहाने के बजाय गमलों में डालें। ब्रश करते समय, बर्तन मांजते समय या शेविंग करते समय नल लगातार चालू रखने की आदत को आज ही बदलें।

महिला मोर्चा अध्यक्ष निर्वाणी ने कहा गाँव-गाँव दस्तक अभियान,महिला मोर्चा की कार्यकर्ता के हर वार्ड और गांव में जाकर महिलाओं को वाटर हार्वेस्टिंग और जल संरक्षण के व्यावहारिक तरीके सिखाएंगी। हर मोहल्ले में एक सजग महिला को च्जल सहेलीज् बनाया जाएगा, जो पानी की बर्बादी रोकने के लिए मोहल्ला स्तर पर निगरानी रखेंगी। सार्वजनिक नलों या पाइपलाइनों में होने वाले लीकेज को रोकने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर त्वरित कदम उठाए जाएंगे। जल ही जीवन है, यह नारा हम बचपन से सुन रहे हैं,लेकिन अब नारा लगाने का नहीं, जागरूक होने का वक्त,अपनी आने वाली संतान को सूखे कुएं और सूखी नदियां विरासत में मत दीजिए,आज से, अभी से पानी की हर एक बूंद का हिसाब रखना शुरू कीजिए, वरना इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा।


अन्य पोस्ट