बस्तर
किसानों से मवेशी खुला न छोडऩे की अपील
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर,3 जनवरी। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति बस्तर द्वारा इन दिनों पूरे क्षेत्र में गौ रक्षा एवं किसान हित जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तोकापाल विकासखंड के ग्राम छापरभानपुरी में समिति द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों की फसलों को आवारा मवेशियों से हो रहे नुकसान को लेकर गंभीर चर्चा की गई और अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान समय में अधिकांश किसान अपने खेतों में मक्का, चना, धान, दलहन एवं सब्जी की फसल लगा चुके हैं, वहीं कई किसानों की सब्जी फसल अब तैयार होने की स्थिति में है। ऐसे में खुले घूम रहे मवेशियों के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर उनकी आमदनी और आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति बस्तर द्वारा गांव-गांव जाकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। समिति किसानों और पशुपालकों से अपील कर रही है कि वे अपने-अपने मवेशियों को खुला न छोड़ें, ताकि खेतों में खड़ी फसलें सुरक्षित रह सकें और किसानों को आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। इसी उद्देश्य से समिति ने क्षेत्र में गौ रक्षा अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है।
बैठक में समिति के सचिव सुभाष कश्यप, जनपद सदस्य गंगा बघेल, हिड़मो मंडावी, पूर्व सरपंच मुना लाल कश्यप, जीवनाथ मौर्य, अनिल बघेल, उप सरपंच बोदा कश्यप, बुदरू बघेल, जगदीश बघेल, लच्छू समलू कश्यप सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


