बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 1 मार्च। आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने वाली शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले में नए सत्र 2026-27 के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले सत्र में जिले के 237 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 2132 सीटें उपलब्ध थीं, जिनमें से 2021 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। इस सत्र में सीटों की संख्या घटकर 539 रह गई है। यानी 1591 सीटों की कमी आई है।
केवल कक्षा पहली में प्रवेश
शासन के नए निर्देशों के अनुसार अब आरटीई के तहत केवल कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाएगा। पूर्व में नर्सरी से कक्षा पहली तक प्रवेश की व्यवस्था थी। इस बार प्री-प्राइमरी (नर्सरी और केजी) कक्षाओं को आरटीई के दायरे से बाहर कर दिया गया है। विभाग के अनुसार आरटीई पोर्टल से भी इन कक्षाओं की सीटें हटा दी गई हैं।
पिछले वर्ष नर्सरी में 675 और केजी में 1271 सीटें आरटीई के तहत उपलब्ध थीं। इन दोनों कक्षाओं में कुल 1946 सीटें थीं, जो इस सत्र में समाप्त हो गई हैं। अब केवल कक्षा पहली को प्रवेश स्तर माना गया है, जिससे कुल सीटों की संख्या घटकर 539 रह गई है।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता
कुछ अभिभावकों का कहना है कि इस बदलाव से उन्हें छोटे बच्चों के प्रवेश को लेकर योजना बनाने में कठिनाई हो सकती है। उनका कहना है कि अब उन्हें निजी स्कूलों में शुल्क देकर प्रवेश दिलाने, आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजने या बच्चों को कक्षा पहली की आयु तक प्रतीक्षा कराने जैसे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
सत्यापन कार्य जारी
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार नोडल अधिकारी द्वारा निजी स्कूलों का सत्यापन कार्य जारी है। प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण 16 फरवरी से 31 मार्च तक छात्र पंजीयन के साथ शुरू हो चुका है। 13 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी एवं सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चयनित विद्यार्थियों को 1 मई से 30 मई के बीच संबंधित विद्यालय में प्रवेश लेना होगा।
द्वितीय चरण 8 जून से प्रारंभ होगा, जिसमें नए स्कूलों का पंजीयन किया जाएगा। 1 जुलाई से 11 जुलाई तक छात्र पंजीयन तथा 27 जुलाई से 31 जुलाई के बीच लॉटरी एवं सीट आवंटन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को 3 अगस्त से 17 अगस्त के बीच प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। जिला शिक्षा विभाग ने बताया है कि प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पूरी की जाएगी।


