बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 28 फरवरी। बलौदाबाजार स्थित एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समाज में मोबाइल फोन के बढ़ते दुरुपयोग और उससे होने वाले घातक परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
नाटक की मुख्य बातें: विद्यार्थियों ने अपने दमदार अभिनय और संवादों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को छुआ।
डिजिटल दूरी: नाटक में दिखाया गया कि कैसे एक ही घर में रहते हुए भी लोग मोबाइल में खोए रहने के कारण एक-दूसरे से मीलों दूर हो गए हैं। शिक्षा पर प्रभाव: विद्यार्थियों ने बखूबी दर्शाया कि कैसे गेमिंग और सोशल मीडिया की लत विद्यार्थियों की एकाग्रता और पढ़ाई को नुकसान पहुँचा रही है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं: मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से आँखों पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव और मानसिक तनाव जैसे गंभीर विषयों पर भी प्रकाश डाला गया।
दर्शकों ने की सराहना
नुक्कड़ नाटक को देखने के लिए भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने बच्चों के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। एक अभिभावक ने कहा, आज के समय में जब छोटे बच्चे भी मोबाइल के बिना खाना नहीं खाते, ऐसे में इन छात्रों द्वारा दिया गया यह संदेश समाज के लिए एक आँख खोलने वाला अनुभव है।
स्कूल प्रशासन का संदेश
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता शुक्ला ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा, हमारा उद्देश्य बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक नागरिक बनाना है। मोबाइल तकनीक का उपयोग ज्ञान के लिए होना चाहिए, न कि समय बर्बाद करने के लिए।
नाटक के अंत में सभी छात्रों और उपस्थित लोगों ने च्डिजिटल अनुशासनज् बनाए रखने और मोबाइल का सीमित व सही उपयोग करने की शपथ ली।
कार्यक्रम को सार्थक बनाने में शाला प्रशासन डायरेक्ट अभिषेक तिवारी जी व टूकेश्वर वर्मा जी का समर्थन सराहनीय रहा बच्चों में बढ़ते दुसप्रभावो को दूर करने की पहल सराहनीय रही वही शाला के शिक्षक शिक्षिकाओं का योगदान भी सराहनीय रहा एक शिक्षक ने कहा- हमारा कार्य केवल बच्चों को किताबी ज्ञान प्रस्तुत करना नहीं, अपितु उन्हें वैचारिक और सामाजिक जिम्मेदारीयों से भी अवगत करना है।
कार्य की सार्थकता में आकांशा मैम, सपना मैम, काजल मैम,लता मैम,सुशील सर, वैष्णो सर, हरीश सर और अन्य का सहयोग सराहनीय रहा।


