और इसके साथ ही विराट कोहली को लेकर एक बार फिर चर्चा, अटकलों, दावों और भरोसा जताने का दौर शुरू हो गया है.
तमाम बातों के केंद्र में है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सौ शतक.
विराट कोहली क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सौ शतक जमा पाएंगे? वो कब तक ये कीर्तिमान हासिल कर पाएंगे?
दावे और भविष्यवाणी करने वालों में सिर्फ़ सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले फैन्स ही नहीं हैं.
इनमें सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज भी हैं. किसी वक़्त टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक जमाने का रिकॉर्ड गावस्कर के नाम था.
गावस्कर जानते हैं कि इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकीय पारी के मायने क्या होते हैं और वो दावा कर रहे हैं कि विराट कोहली अपने खाते में 'सौ अंतरराष्ट्रीय शतक' जुटा सकते हैं.
सौ शतक से कितनी दूर
विराट कोहली ने वनडे में 46 शतक
टेस्ट में 27 शतक
ट्वेंटी-20 में एक शतक जमाया है
100 शतकों के पहाड़ से वो 26 कदम (शतक) दूर हैं
सचिन ने दिखाया था भरोसा
इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकों का शतक वो एवरेस्ट है, जिसे अब तक सिर्फ़ एक शतकवीर ने छुआ है. नाम है, सचिन तेंदुलकर.
विराट कोहली ठीक सचिन तेंदुलकर के पीछे खड़े हैं. अंतरराष्ट्रीय शतकों के मामले में वो क्रिकेट इतिहास के तमाम दिग्गजों को पीछे छोड़ चुके हैं.
सचिन तेंदुलकर ने मार्च 2012 में जब करियर का सौवां अंतरराष्ट्रीय शतक जमाया था, तब उनसे सवाल हुआ कि क्या उनका ये रिकॉर्ड कभी टूटेगा?
जवाब में सचिन तेंदुलकर ने कहा था, 'बिल्कुल ये रिकॉर्ड टूट सकता है.'
उन्होंने सौ शतकों के रिकॉर्ड के पार जाने की उम्मीद जिस खिलाड़ी को लेकर लगाई थी, वो हैं विराट कोहली.
सचिन 2013 में रिटायर हुए और उसके बाद 2019 तक विराट कोहली ने जिस अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की, उससे लगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सौ शतकों का रिकॉर्ड उनसे हाथ भर की दूरी पर है.
वो देखते देखते ही ये बल्लेबाज़ी का ये एवरेस्ट पार कर जाएंगे. कोहली 2019 तक टेस्ट और वनडे मिलाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 70 शतक लगा चुके थे.
शतक का सूखा
फिर, कोहली के चमकदार करियर पर 'बुरे दौर' का वो 'ग्रहण' लगा जिसका सामना हर बल्लेबाज़ कभी न कभी करता है.
2022 के सितंबर के पहले विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में आखिरी शतक दिसंबर 2019 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच में जमाया था.
वनडे में उनके बल्ले से 14 अगस्त 2019 को शतकीय पारी निकली थी.
इस बीच विराट कोहली अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे थे. रन भी बना रहे थे लेकिन बल्ले से शतकीय पारी नहीं निकल रही थी.
बरसने लगे शतक
शतकों का ये सूखा सितंबर 2022 में ख़त्म हुआ.
एशिया कप में विराट कोहली ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ नाबाद 122 रन बनाए. दुबई में विराट कोहली के बल्ले से निकली ये सेंचुरी ट्वेंटी-20 क्रिकेट में उनकी पहली शतकीय पारी थी.
आधुनिक दौर के सबसे बड़े शतकवीर ने दो साल से ज़्यादा वक़्त के बाद 'शतक बनाने का फॉर्मूला' दोबारा हासिल कर लिया. युवराज सिंह जैसे दिग्गज क्रिकेटर इसे विराट कोहली की 'वापसी' बता चुके हैं.
शतक का फॉर्मूला दोबारा हाथ लगने की बात उन्होंने पिछले चार वनडे मैचों के दौरान तीन शतक लगाकर साबित की है.
विराट कोहली ने अगस्त 2019 के बाद पहला वनडे शतक 10 दिसंबर 2022 को बांग्लादेश के ख़िलाफ़ जड़ा.
विराट कोहली ने साल 2022 का अंत जहां से किया, 2023 की शुरुआत भी वहीं से की. यानी साल के पहले ही मैच (10 जनवरी 2023) में शतक ( श्रीलंका के ख़िलाफ़ गुवाहाटी में 113 रन) जमाया.
एक मैच के बाद रविवार को उन्होंने श्रीलंका के ख़िलाफ़ 110 गेंद में नाबाद 166 रन बना दिए.
आठ छक्कों और 13 चौकों से सजी ये पारी इतनी जबरदस्त थी कि फैन्स और समीक्षकों को सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड एक बार फिर ख़तरे में दिखने लगा.
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेट समीक्षक सुनील गावस्कर ने रविवार रात ही एलान कर दिया कि विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सौ शतक बना सकते हैं.
गावस्कर का दावा
निजी समाचार चैनल आज तक से सुनील गावस्कर ने कहा, "अगर वो पांच- छह साल और खेलते हैं तो 100 शतक बनाएंगे."
गावस्कर ने कहा, 'सचिन तेंदुलकर 40 साल की उम्र तक खेले. उन्होंने अपनी फिटनेस बनाए रखी थी. कोहली भी फिटनेस को लेकर सजग हैं और अगर वो 40 की उम्र तक खेलते हैं तो हैरानी नहीं होगी.'
लेकिन, सवाल सिर्फ़ फिटनेस और खेलते रहने का नहीं है. शतक बनाते रहना भी ज़रूरी है.
गावस्कर ने जो दावा किया है, उसमें इस बात पर भी गौर किया है.
निजी समाचार चैनल इंडिया टुडे से बातचीत में गावस्कर ने कहा, "कोहली ने जिस फ़ॉर्म में वापसी की है वो शानदार है. वो भारतीय बल्लेबाज़ी की धुरी रहे हैं. गेंद को अच्छी तरह से स्ट्राइक कर रहे हैं. उनमे बड़े शतक बनाने की भूख दिख रही है."
किस्मत का साथ
गावस्कर की राय में 'किस्मत' भी विराट कोहली का साथ दे रही है.
वो कहते हैं, "जब किस्मत साथ होती है तो मौके भी मिलते हैं. (एशिया कप में) अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ उन्होंने जो शतक बनाया तब भी उनका एक कैच छूटा था."
गुवाहाटी वनडे में भी श्रीलंका के फील्डर्स ने विराट कोहली को मौके दिए और वो शतक बनाने में कामयाब रहे.
सचिन से आगे
- हालांकि, विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो 74 शतक बनाए हैं, वो सिर्फ़ विरोधी टीम के खिलाड़ियों की 'ढील' के भरोसे नहीं बने हैं.
- विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 543 मैच खेले हैं और 74 शतक बना चुके हैं.
- यानी लगभग हर सातवें मैच में एक शतक. वनडे में उनका औसत और भी बेहतर है.
- विराट कोहली ने 268 वनडे मैचों की 259 पारियों में 46 शतक जमा चुके हैं. यानी 5.6 पारी में एक शतक.
- इस मामले में वो सचिन तेंदुलकर से कहीं आगे हैं. सचिन ने वनडे की 452 पारियों में 49 शतक जमाए. यानी 9.2 पारी में एक शतक.
- 259 वनडे पारियों के बाद सचिन तेंदुलकर के नाम 28 शतक ही थे.
जानकारों की राय है कि वनडे शतकों के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ने में विराट कोहली कोहली को ज़्यादा वक़्त नहीं लगेगा. खासकर जिस अंदाज़ में उन्होंने बांग्लादेश और श्रीलंका के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ी की है.
विराट कोहली की चुनौती
विराट कोहली ने हाल में ट्वेंटी-20 फॉर्मेट में भी बल्ले का दम दिखाया. उन्होंने एशिया कप में शतक जमाया. ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप में भी उनका बल्ला खूब गरजा. छह मैचों में 296 रन बनाकर वो टूर्नामेंट के सबसे कामयाब बल्लेबाज़ थे.
लेकिन, टूर्नामेंट के बाद से उन्हें ट्वेंटी-20 टीम में जगह नहीं दी गई है.
टेस्ट मैच में भी 2019 के बाद उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला है. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम अभी 27 शतक हैं. सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट में 51 शतक बनाए थे.
जानकारों की राय है कि कोहली ने जिस अंदाज़ में वनडे और ट्वेंटी-20 में शतक बनाने का फॉर्मूला दोबारा खोज लिया है, उससे जाहिर है कि टेस्ट क्रिकेट में शतकीय पारी भी ज़्यादा दूर नहीं है.
गावस्कर कहते हैं, " भारत को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अहम सिरीज़ खेलनी है. भारत को चार में से तीन मैच जीतने होंगे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए. इसमें कोहली की बल्लेबाज़ी अहम होगी."
क्या कहते हैं विराट कोहली?
विराट कोहली ख़ुद भी अपनी बल्लेबाज़ी से खुश दिख रहे हैं.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ रविवार को 166 रन की नाबाद पारी के बाद विराट कोहली ने कहा, "जब से मैं ब्रेक से लौटा हूं तब से अच्छा महसूस कर रहा हूं."
विराट कोहली ने पिछले साल एशिया कप के पहले क्रिकेट से कुछ दिन का ब्रेक लिया था. टीम में वापसी के बाद से ही वो अलग खिलाड़ी नज़र आ रहे हैं.
सुनील गावस्कर कहते हैं, "मुझे पता नहीं ब्रेक में उन्होंने क्या किया. किस मोर्चे पर काम किया लेकिन अभी वो सिर्फ़ 34 साल के हैं और ये भूख बनी रही तो ओनली स्काई इज़ द लिमिट."
सौ शतकों की उम्मीदों का शोर विराट कोहली तक भी पहुंच रहा है.
लेकिन वो कहते हैं, "मेरे अंदर माइलस्टोन (कीर्तिमान) हासिल करने को लेकर कोई डेस्परेशन(बेताबी) नहीं है. मैं जो कर रहा हूं, वो करते रहना चाहता हूं."
और बकौल गावस्कर अगर कोहली इसी तरह शतक बनाते रहे तो 100 शतकों का आंकड़ा दूर नहीं. (bbc.com/hindi)