बेमेतरा, 21 मई। जीवन शैली कैसी हो, इसकी शिक्षा प्रकृति देती है। आसमान से ओले बरसने के बहाना बनाकर जो लोग कदम पीछे खींच लिए है, उन्हें प्रकृति से शिक्षा लेनी चाहिए। गुलमोहर के सुर्ख लाल फूल राह चलते लोगों को बोध कराते हैं कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी प्रसन्न रहा जा सकता है। जीवन के लिए वृक्ष एवं पौधे कितने जरूरी है, यह संकट के समय याद आता है। आज की पीढ़ी को छाया भी नसीब नहीं। गांव में नीम, पीपल पानी जो कभी गांव की निशानी थी, आज संकट में है। तस्वीर/ ‘छत्तीसगढ़’ / आशीष मिश्रा