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‘बिरसा मुंडा’ की स्मृति (9 जून 1900) में..
09-Jun-2026 10:24 PM
‘बिरसा मुंडा’  की स्मृति (9 जून 1900) में..

-मनीष आजाद

‘Even the Rain’, क्या हो जब असल क्रांतिकारी और फिल्मी क्रांतिकारी एक हो जाये।

यही दिलचस्प कहानी है 2010 में आई एक महत्वपूर्ण फिल्म ‘Even the Rain‘ की। 2000 में स्पेन की एक फिल्म युनिट एक फि़ल्म की शूटिंग के लिए अमेरिका के सबसे गरीब देश बोलीविया में उतरती है। विषय है- कोलम्बस का लैटिन अमेरिकी देशों की विजय और इसके खिलाफ मूल नागरिकों का प्रतिरोध। ठीक वैसे ही जैसे भारत में अंग्रेजों के खिलाफ बिरसा मुंडा जैसे आदिवासियों का प्रतिरोध।

स्पेन की फिल्म युनिट ने बोलीविया को इसलिए चुना क्योकि यहां गरीबी बहुत है, इसलिए फिल्म निर्माण का खर्च कम आएगा। यह तथ्य बखूबी यह स्पष्ट कर देता है कि कोलम्बस के अत्याचार पर फिल्म बनाने के बावजूद फिल्म युनिट कोलम्बस की परंपरा को ही ढो रही है। फिल्म में कास्ट किये गए लोकल एक्स्ट्रा लोगों को महज 2 डॉलर प्रतिदिन की दर से पेमेंट किया जाता है और उनसे बहुत तरह के अन्य श्रम साध्य काम [जैसे सेट बनवाना आदि] लिए जाते है। और इस तरह फिल्म निर्माण का खर्च बचाया जाता है। इन्ही लोकल एक्स्ट्रा लोगो से वह सलीब बनवाया जाता है, जिस पर कोलम्बस की सेना के खिलाफ विद्रोह करने वालों को फाँसी दी जानी है, जिसके लीडर का रोल इन्ही में एक स्थानीय डैनियल ही कर रहा है। अपना सलीब खुद तैयार करने या करवाने का यह दृश्य काफी प्रतीकात्मक है और बिना मुखर हुए काफी कुछ कह जाता है।

लेकिन फिल्म का क्लाइमेक्स वहाँ से शुरू होता है जब फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर को यह पता चलता है कि डैनियल अपनी असल जिंदगी में भी एक विद्रोही की भूमिका निभा रहा है। वर्ड बैंक के एक प्रोजेक्ट के तहत सन 2000 में बोलीविया में पानी का सम्पूर्ण निजीकरण कर दिया गया था। यहां तक कि आप बारिश का पानी भी इक_ा नहीं कर सकते। यहीं से इस फि़ल्म का नाम ‘Even the Rain ‘ निकला। यहां पर असल न्यूजरील के इस्तेमाल के कारण फिल्म और असरकारक हो जाती है।

डैनियल फिल्म में ‘हेतू’ (Hatuey) की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो कोलम्बस की सेना के खिलाफ लड़ते हुए शहीद होने वाले पहले विद्रोहियों (2 फरवरी 1512 को शहीद) में से एक था। जहाँ फिल्मकार ने फिल्म युनिट द्वारा लोकल लोगों के शोषण को कोलम्बस की परंपरा से जोड़ा है, वही डैनियल व अन्य स्थानीय लोगो द्वारा पानी के निजीकरण के विरोध को ‘हेतू’ (Hatuey) की विद्रोही परंपरा से जोड़ा है।

बहरहाल डैनियल के पानी के निजीकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने के कारण शूटिंग में काफी बाधा उत्पन्न हो रही है। डायरेक्टर और प्रोड्यूसर डैनियल को बदल भी नही सकते, क्योकि फि़ल्म का काफी हिस्सा शूट हो चुका है। हद तो तब हो गयी जब आंदोलन में भागीदारी के कारण डैनियल को गिरफ्तार कर लिया गया। फिल्म का प्रोड्यूसर कोस्टा पुलिस को घूस देकर डैनियल को कुछ समय के लिए छुड़ा लेता है और पुलिस को आश्वासन देता है कि फि़ल्म में डैनियल को सूली पर चढ़ाने के बाद पुलिस आकर उसे सेट से गिरफ्तार कर ले।

बुर्जुआ कला पर यह बहुत बड़ा व्यंग्य है। ‘यूज एंड थ्रो’ का पूंजीवादी सिद्धान्त कला में भी घुस जाता है।

 खैर शूटिंग के बाद जब पुलिस डैनियल को गिरफ्तार करने आती है तो फिल्म के सभी लोकल स्थानीय कलाकार पुलिस से भिड़ जाते है और डैनियल को भगा देते है। यह दृश्य फिल्म की जान है। यहाँ कला यथार्थ बन जाता है और यथार्थ कला हो जाती है।

 

डैनियल फिर से आंदोलन में शामिल हो जाता है। लेकिन इन सब के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर कोस्टा का रूपांतरण होने लगता है। डैनियल के प्रति उसका सम्मान बढऩे लगता है। वहीं दूसरी ओर फि़ल्म का निर्देशक इन सबसे परेशान होकर फि़ल्म पूरी करने का इरादा त्याग देता है और वापस जाने का निर्णय ले लेता है।

फिल्म के अंत मे आंदोलन को दबाने के लिए सेना आ जाती है। और पूरा शहर युद्ध भूमि में बदल जाता है। इस माहौल में डैनियल की बेटी कही खो जाती है। डैनियल का भी कुछ पता नही है। डैनियल की पत्नी फिल्म के प्रोड्यूसर कोस्टा से विनती करती है कि वह उसकी बेटी का पता लगाएं। कोस्टा अपनी जान जोखिम में डाल कर डैनियल की बेटी का पता लगता है और उसे हॉस्पिटल पहुँचाता है।

फि़ल्म के अंत में डैनियल के आन्दोलन की भी जीत होती है. डैनियल कोस्टा का शुक्रिया अदा करता है और उसे एक छोटी सी शीशी में बोलीविया का पानी गिफ्ट करता है जो अब ‘आजाद’ है. कोस्टा भी अब कोलंबस की परंपरा से आजाद है और अब वह विद्रोह की ‘हेतू’ (Hatuey) परंपरा का हिस्सा है.

फिल्म के साथ अमेरिका के मशहूर जन इतिहासकार ‘हावर्ड जिन’ का नाम जुडऩे से यह फिल्म और खास हो जाती है। इसकी पटकथा लिखने में हॉवर्ड जिन ने मशहूर पटकथा लेखक पाल लेवेर्टी [इन्होंने ‘केन लोच’ की ज्यादातर फिल्मों की पटकथा लिखी है] की मदद की है. फिल्म का निर्देशन ‘इसिया बोले’ [Icíar Bollaín] ने किया है. इन्होंने भी केन लोच की मशहूर फिल्म ‘लैंड एंड फ्रीडम’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.


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