खेल
'उन्होंने जो किया, उसे तो भारत भी नहीं समझ पाएगा.'
'यह भारत के ख़िलाफ़ तुरुप का पत्ता होगा.'
पाकिस्तान और अमेरिकी क्रिकेट टीमों के बीच हुए टी-20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान ये चर्चा भारत के एक चैनल पर कमेंट्री के दौरान हो रही थी. और ये बातें पाकिस्तानी गेंदबाज़ उस्मान तारिक़ के लिए हो रही थी, जिनका अलग बॉलिंग-एक्शन पहले भी चर्चा के केंद्र में रहा है.
बीते मंगलवार को पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने टी-20 मुक़ाबले में अमेरिका को 32 रन से हराया था. और इस मैच में उस्मान तारिक़ ने चार ओवर में सिर्फ़ 27 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए थे.
इसी मैच के कुछ क्लिप्स भारत में भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलने लगे. कुछ यूज़र्स ने उस्मान तारिक़ के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठाए और कुछ ने ये भी सवाल किया कि उस्मान जिस तरह बॉल फेंकने से पहले थोड़ा ठहरते हैं, क्या वह नियमों के मुताबिक ठीक है.
हालांकि, इस पूरी बहस के बीच भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज़ आर अश्विन ने उस्मान तारिक़ का बचाव किया है.
क्या कह रहे हैं भारत के पूर्व क्रिकेटर?
श्रीवत्स गोस्वामी नाम के एक सोशल मीडिया यूज़र ने एक्स पर अमेरिका के एक बैटर के उस्मान की गेंद पर आउट होने का वीडियो शेयर किया.
वीडियो में उस्मान बॉल फेंकने से पहले ज़रा सा ठहरते दिखते हैं.
श्रीवत्स गोस्वामी ने इस वीडियो के साथ लिखा, "फुटबॉल में भी खिलाड़ियों को अब पेनल्टी-रन अप के दौरान पॉज़ की मंज़ूरी नहीं है. ये कैसे ओके है? एक्शन ठीक है. लेकिन पॉज़? वो भी तब बॉल डिलीवर की जानी है. ये नहीं चल सकता."
आर अश्विन ने श्रीवत्स गोस्वामी के इस पोस्ट को ही कोट करते हुए लिखा, "ये सच है कि फ़ुटबॉल में इसकी इजाज़त नहीं है. लेकिन अगर किसी बल्लेबाज़ को बिना अंपायर को सूचित किए गेंद को दूसरी तरफ़ स्विच करने या रिवर्स करने की इजाज़त है, तो सारी पाबंदियां सिर्फ़ गेंदबाज़ के लिए ही क्यों हैं? गेंदबाज़ को तो अंपायर को सूचित किए बग़ैर दूसरे हाथ से गेंद फेंकने तक की इजाज़त नहीं है. इस नियम को पहले बदला जाना चाहिए."
वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक वीडियो में पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज़ी को मज़बूत बताते हुए उस्मान तारिक के एक्शन को दिलचस्प बताया.
उन्होंने कहा, "उस्मान का एक्शन इंट्रेस्टिंग है. ऐसा लगता है कि आप टीवी देख रहे हों और अचानक किसी ने पॉज़ कर दिया है. वो रुक जाते हैं और फिर गेंद डालते हैं. धीमा डालते हैं. मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई भी दिक्कत है. ये ठीक है. आप खड़े होकर पॉज़ लेकर गेंदबाज़ी कर सकते हैं. उसका कोई नियम नहीं है. और धीमा जो डालते हैं गेंद उसमें भी कोहनी बेंड (मुड़ने) होते नहीं दिखती."
हालांकि, आकाश चोपड़ा ने ये ज़रूर पूछा कि क्या बांह मोड़े बिना गेंद की गति को 20 से 25 किलोमीटर तक बढ़ाना संभव है.
बहस इतनी बढ़ी कि आर अश्विन ने एक्स पर एक और लंबी पोस्ट लिखी. उन्होंने कहा, "पहली बात तो एक्शन ठीक है या नहीं, इसकी जांच तो आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर पर ही हो सकती है."
"दूसरी बात कि एक 15 डिग्री का नियम है, जिसके तहत गेंदबाज़ को अपनी कोहनी सीधी करनी होती है और अंपायर के लिए मैदान पर ये तय करना नामुमकिन है कि गेंदबाज़ 15 डिग्री पर ही गेंद फेंक रहा है या नहीं."
उन्होंने लिखा, "इसका एक ही हल है कि आप एक रियल टाइम कॉम्पिटीशन टेस्टिंग टूल ले आएं. क्योंकि ये एक अस्पष्ट मुद्दा है और किसी पर भी इस अस्पष्ट मुद्दे का फ़ायदा उठाने का आरोप लगाना ग़लत है. जहां तक गेंद सवाल है कि क्रीज़ के अंदर लिया पॉज़ लीगल है या नहीं, तो मेरा मानना है कि ये पूरी तरह से वैध है क्योंकि यह उनका रेग्युलर बॉलिंग एक्शन है."
उस्मान तारिक़ अपने बॉलिंग एक्शन पर क्या बोले?
लगभग एक साल पहले उस्मान तारिक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बॉलिंग एक्शन इसलिए सामान्य नहीं दिखता क्योंकि उनकी 'दो कोहनियां' हैं.
उन्होंने बताया कि जब उनके बॉलिंग एक्शन पर आपत्ति जताई गई, तो वह डॉक्टर के पास गए और उन्होंने अपने दोनों आर्म्स की जांच करवाई.
उस्मान तारिक़ के मुताबिक, उनके शरीर की बनावट किसी भी सामान्य व्यक्ति से अलग है. उन्होंने कहा, "ये जन्म से ही है और दो कोहनियों की वजह से मेरी बांह सीधी नहीं हो सकती."
वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीते साल सात मई को एक बयान में कहा था कि क्वेटा ग्लैडिएटर्स के स्पिनर उस्मान तारिक़ ने लाहौर में बायोमैकेनिक्स लैब में टेस्ट करवाया और वहां उनका बॉलिंग एक्शन पास कर दिया गया था.
पीसीबी के मुताबिक, 13 अप्रैल को पीएसएल में लाहौर कलंदर्स के ख़िलाफ़ मैच के दौरान उस्मान के असामान्य गेंदबाज़ी एक्शन की शिकायत दर्ज की गई थी. जिसके बाद ये टेस्ट करवाया गया था.
बल्लेबाज़ों के लिए एक्शन कितना खतरनाक!
अमेरिका के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के मैच जीतने के बाद ईएसपीएन पर एक चर्चा के दौरान वेस्ट इंडीज़ के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर इयान बिशप ने उस्मान तारिक़ के बॉलिंग एक्शन पर बात की.
उन्होंने कहा, "वह अलग एंगल पर गेंदबाज़ी करते हैं. वह राउंड आर्म, और फिर ओवर द टॉप. इससे आपको बाउंस का अलग लेवल मिलता है. लेकिन इससे भी बढ़कर ये कि वह बॉल फेंकने से पहले पॉज़ लेते हैं और बल्लेबाज़ के पैर देखते हैं ताकि ये पता लगा सकें कि बल्लेबाज़ किधर की ओर जा सकता है, या क्या शॉट लगा सकता है. और फिर जब वो डिलीवरी डालते हैं तो, वो बल्लेबाज़ के एक्शन को रोकने के हिसाब से होती है."
"वह बल्लेबाज़ को बैट के ऑफ़ सेंटर पर बॉल हिट करने के लिए मजबूर करते हैं. बल्लेबाज़ को बाउंस या वेरिएशन का कोई फ़ायदा नहीं होता. मुझे लगता है कि जब तक वह ऐसे ही गेंदबाज़ी करते रहेंगे और पाकिस्तानी टीम में रहेंगे वह एक एसेट ही रहेंगे."
वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर सबा करीम ने इसी चर्चा में कहा कि वह छोटा सा पॉज़ ही बैटर पर बढ़त दिलाता है.
उन्होंने कहा, "क्योंकि इससे उन्हें अलग-अलग वेरिएशन ट्राई करने की आज़ादी मिलती है. और यही हमने पिछले कुछ मुक़ाबलों में देखा है कि वह (उस्मान) अच्छे से अच्छे और टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों को भी आउट करने में कामयाब रहे. उनका अनोखा एक्शन इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के लिए बहुत निर्णायक साबित हो सकता है."
क्या हैं नियम?
बीबीसी उर्दू ने लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेज़ के बायोमैकेनिक्स एक्सपर्ट प्रोफ़ेसर मोहम्मद ओवैस से इस मामले के तकनीकी पहलुओं को जाना. अतीत में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड गेंदबाज़ों के एक्शन के टेस्ट के लिए प्रोफ़ेसर ओवैस को भी नियुक्त कर चुका है.
उन्होंने बीबीसी उर्दू के असद सोहैब से कहा, "गेंदबाज़ी करते समय रुकने की बात करें तो इसमें कोई समस्या नहीं है, बशर्ते (गेंद फेंकते समय) कोहनी के एंगल में परिवर्तन 15 डिग्री से अधिक न हो. यदि कोहनी में परिवर्तन 15 डिग्री या उससे कम है, तो गेंद वैध मानी जाएगी."
उन्होंने कहा, "यह निश्चित है कि यदि कोई गेंदबाज़ रुक-रुक कर गेंदबाज़ी करता है, तो उस दौरान भी वही नियम लागू रहता है. आईसीसी के नियमों में रुक-रुक कर गेंदबाज़ी करने के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है, नियम केवल 15 डिग्री के झुकाव की बात करता है."
प्रोफ़ेसर ओवैस ने समझाया, "कभी-कभी गेंदबाज़ के हाथ की बनावट में स्वाभाविक रूप से बहुत ज़्यादा लचीलापन होता है. इसलिए अगर सीधे आंखों से देखा जाए, तो ऐसा लग सकता है कि गेंदबाज़ चकिंग यानी गलत एक्शन में बॉलिंग कर रहा है. लेकिन आईसीसी के कैमरों से मापने और जांच करने पर यह चकिंग की श्रेणी में नहीं आता है. यह पूरी तरह से संभव है कि परीक्षण में गेंदबाज़ का चकिंग करना साबित नहीं हो."
उन्होंने बताया कि आईसीसी के नियमों के अनुसार, किसी भी गेंदबाज़ के आर्म एक्शन की जांच करने के लिए अलग-अलग कोणों पर 12 इन्फ़्रारेड आईआर कैमरे और दो हाई-स्पीड कैमरे लगाए जाते हैं, जिनके परिणामों को बाद में आईसीसी सॉफ्टवेयर से प्रॉसेस किया जाता है और यह फ़ैसला लिया जाता है कि एक्शन कानूनी है या अवैध.
कौन हैं उस्मान तारिक?
इएसपीएन क्रिकइन्फ़ो के मुताबिक, उस्मान तारिक ने नवंबर 2023 में पाकिस्तान के नेशनल टी-20 कप से अपना डेब्यू किया. उन्होंने 2024 में पीएसएल में भी हिस्सा लिया लेकिन कोई ख़ास छाप नहीं छोड़ सके.
मगर 2024-25 के बीच घरेलू क्रिकेट में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 15 मुक़ाबलों में 22 विकेट लिए.
हालांकि, इस दौरान दो बार उनके बॉलिंग एक्शन की शिकायत भी हुई. पहली बार साल 2024 के पीएसएल के दौरान उनपर सवाल उठे.
लेकिन लाहौर नेशनल क्रिकेट एकेडमी में टेस्टिंग के बाद उन्हें पास कर दिया गया और उनकी गेंदबाज़ी जारी रही.
लेकिन अगले पीएसएल में फिर से उनकी शिकायत हुई लेकिन उन्होंने इसके बाद हुई जांच को भी पास कर लिया. (bbc.com/hindi)


