खेल
अल्जीरिया की मुक्केबाज़ ईमान ख़लीफ़ ने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है.
एक साल पहले उन्हें वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशीप में जेंडर एलिजिबिलिटी टेस्ट में फेल होने पर अयोग्य करार दिया गया था.
ईमान ख़लीफ़ ने पेरिस ओलंपिक के 66 किलो ग्राम भार वर्ग के महिला बॉक्सिंग इवेंट में यह गोल्ड मेडल जीता है.
ख़लीफ़ ने चीन की मुक्केबाज यांग्य लियू को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है.
ईमान ख़लीफ़ ने बीबीसी से कहा, “यह मेरा सपना था और मैं बहुत ज़्यादा ख़ुश हूं.”
उन्होंने कहा, “यह मेरी आठ साल की मेहनत है, मैं अल्जीरिया के लोगों को धन्यवाद देती हूं”
ख़लीफ़ ने कहा, “मैं अपने प्रदर्शन को लेकर बहुत खुश हूं, मैं एक साहसिक महिला हूं.”
पेरिस ओलंपिक में ईमान ख़लीफ़ और इटली की मुक्केबाज़ एजेंला करिनी के बीच खेले गए एक मैच के बाद ख़लीफ़ को लेकर विवाद शुरू हुआ था.
ईमान ख़लीफ़ के पुरुष होने की बात कही जा रही थी.
ख़लीफ़ और करिनी के बीच खेला गया मैच महज़ 46 सेकेंड में ख़त्म हो गया था. करिनी ने कहा था, "मुझे अपनी जान बचानी पड़ी."
इसके बाद सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ी जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को बयान जारी कर बताना पड़ा कि ईमान ख़लीफ़ तय नियमों के मुताबिक़ ही खेल रही हैं. (bbc.com/hindi)


