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महिला रेसलिंग के 50 किलोभार वर्ग में भारत की विनेश फोगाट ने जापान की यूई सुसाकी को मात दी. उसके बाद उन्होंने यूक्रेन की लावाच को हरा कर सेमीफइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है.
डॉयचे वैले पर साहिबा खान की रिपोर्ट-
विनेश फोगाट जब जापान की चैंपियन यूई सुसाकी से जीतीं तब उनके आंखों में खुशी के आंसू थे. वो अखाड़े में लेट कर रो रहीं थीं. उस समय मैच के कमेंटेटर ने कहा कि यह साल फोगाट के लिए बहुत कठिन रहा है, क्योंकि वह भारत में एक बड़े प्रदर्शन का हिस्सा रहीं हैं. आज उन्होंने यहां जीत कर साबित कर दिया कि वह एक योद्धा हैं.
पेरिस ओलंपिक 2024 के ग्यारह दिन हो गए हैं. अब तक ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. भारत की महिला रेसलर विनेश फोगाट ने अपनी तीसरी ओलंपिक पारी का आगाज जीत के साथ किया.
महिला रेसलिंग के 50 किलोभार वर्ग में भारत की विनेश फोगाट ने जापान के यूई सुसुीक को टेक्निकल पॉइंट के आधार पर मात दी. विनेश ने आखिरी 15 सेकंड में बाजी को पलट दिया. यह मुकाबला 3-2 की बराबरी पर था, जिसके बाद जापान ने स्कोर को चैलेंज किया था, लेकिन अंत में भारत को जीत मिली और महिला रेसलिंग में भारत के लिए विनेश फोगाट ने मेडल की आस बढ़ा दी है. इसके बाद एक और राउंड में उन्होंने यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को हराया. वह सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं.
लोगों के लिए यह ओलंपिक का सबसे बड़ा झटका
लोगों को काफी आश्चर्य हुआ जब फोगाट ने जापानी रेसलर को हराया. अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में सुसाकी जैसा कोई नहीं हुआ है. वह पहली पहलवान हैं जिन्होंने विश्व खिताबों का पूरा सेट जीता है, अंडर -17 वर्ग से लेकर अंडर -20, अंडर -23, सीनियर और ओलंपिक तक. तीन साल पहले सुसाकी ने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल एक भी अंक गंवाए बगैर जीता था.
25 साल की इस खिलाड़ी के पास चार विश्व खिताब हैं, उन्होंने अपना पहला खिताब 18 साल की उम्र में 2017 में जीता था, और फिर 2018, 2022 और 2023 में फिर से चैंपियन बनीं.
जब सुसाकी जापान में किसी नई जीत पर अपने नाम की मुहर लगा रहीं थीं, तब विनेश फोगाट दिल्ली की सड़कों पर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ अपनी एक अलग जंग लड़ रहीं थीं. जापान के एक रिपोर्टर का कहना था कि सुसाकी को हराना आज जापान में सबसे बड़ी खबर है.
अब मेडल की राह और भी आसान
फोगाट ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में पहले तो जापान की यूई सुसाकी हराया. इसके बाद उन्होंने यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हरा कर सेमीफाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है.
फोगाट पिछले दो बार से ओलंपिक में हिस्सा ले रही हैं लेकिन भारत के लिए अब तक मेडल नहीं जीत पाई हैं. जानकारों का कहना है कि सुसाकी में तकनीक है, लचीलापन है और चुस्ती है, लेकिन फोगाट के दुनिया को जवाब देने की चाह, उनकी जिद, जुनून, और जज्बे के सामने वो शायद टिक नहीं पाईं. (dw.com)


