खेल
अभिजीत श्रीवास्तव
"ये मैच था किंग कोहली का. ये वर्ल्ड कप ही विराट कोहली का है. उसने रनों के पहाड़ खड़े कर दिए हैं. ऐसा लगता है कि ये वर्ल्ड कप उसी के लिए कराया गया है."
ये कहना है रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पाकिस्तान के दिग्गज़ क्रिकेटर शोएब अख़्तर का.
शोएब ने जहां विराट कोहली की तारीफ़ में कसीदे पढ़े, वहीं भारतीय टीम की गेंदबाज़ी की कमी पर भी बोले.
शोएब बोले, "भारतीय टीम ने भले ही मैच जीत लिया है, लेकिन उसकी गेंदबाज़ी की कमी उजागर हो गई है."
सबसे पहले शोएब ने बांग्लादेश को शाबासी दी, लेकिन ये भी कहा कि उन्होंने बचकाना क्रिकेट खेला.
वे बोले, "मैं बांग्लादेश को शाबासी देता हूं. आपने शानदार प्रदर्शन किया. लेकिन बहुत अहम ग़लती की. लिटन दास ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन बारिश होने से उससे आपको जो फ़ायदा उठाना चाहिए था वो आपने नहीं उठाया."
"बॉल गीला करने के चक्कर में तेज़ी से दो रन बटोर रहे थे. क्या ज़रूरत थी, गेंद बल्ले पर आ रही थी. अच्छी शॉटें लग रही थीं आपको ज़रूरत नहीं थी. लिटन दास स्लिप हुए फिर वे रन आउट हुए. वो टर्निंग पॉइंट था."
"आपने शुरुआत में अच्छी क्रिकेट खेली, लेकिन बाद में बहुत ही बचकाना क्रिकेट खेला."
"इसके साथ ही मैं भारत को बधाई देना चाहता हूं. वो आगे तो जाएगा ही, लेकिन मैं कह चुका हूं कि वहां क्या होगा."
उन्होंने फिर कहा, "आप लोग बड़े नाराज़ हैं. मैंने कहा था पाकिस्तान इस हफ़्ते और भारत अगले हफ़्ते वहां से वापस आ जाएगा. लेकिन मैं अपनी क्रिकेट की लर्निंग के आधार पर ये कहता हूं.
लेकिन अगर आप देखें तो हार्दिक पंड्या टीम में कितना अहम किरदार अदा करते हैं. अंतिम से पहले की ओवर डालते हैं. आउट कर के देते हैं. वो एक बॉलिंग ऑलराउंडर हैं आपके पास. तो मैं यहां भारत को बेस्ट ऑफ़ लक कहना चाहूंगा."
"भले ही भारत ने इस मैच को आसानी से नहीं जीता, लेकिन जीत गए. लेकिन अंतर को देखें तो वो बहुत कम फ़ासले से जीते, लेकिन जीत गए."
"लेकिन क्या वो सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की योग्यता रखते हैं. जी हां, बिल्कुल रखते हैं. लेकिन क्या वो इस वर्ल्ड कप को जीतने की क्षमता भी रखते हैं. ये तो समय ही बताएगा."
जब बारिश पाकिस्तान के लिए लकी साबित हुई
जहां एक ओर शोएब इस मैच को बारिश की वजह से भारत की झोली में गई बता रहे थे वहीं क्रिकेट आंकड़ों के जानकार मज़हर अरशद कुछ ऐसा याद दिला रहे थे जो 30 साल पहले पाकिस्तान के वर्ल्ड कप जीत में अहम रहा था.
बांग्लादेश के ख़िलाफ़ बारिश से बाधित इस मैच में भारत की जीत पर अरशद 1992 के वनडे वर्ल्ड कप के उस मैच को याद दिला रहे थे जो एडिलेड में ही खेला गया था और उसमें पाकिस्तान बुरी तरह पिछड़ रहा था.
तभी बारिश आई और आगे एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी और इसकी वजह से पाकिस्तान को एक अहम अंक मिल गया और वो सेमीफ़ाइनल में पहुंच गया और अंततः इमरान ख़ाने के नेतृत्व में ख़िताब भी जीत लिया.
अरशद उस मैच की बात कर रहे थे जो पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच 1 मार्च 1992 को एडिलेड ओवल में खेला गया था.
पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 40.2 ओवर में केवल 74 रन पर आउट हो गई थी. इसके जवाब में इंग्लैंड ने 8 ओवर में 24 रन बना लिए थे, लेकिन तभी बारिश आ गई और इसके आगे का मैच नहीं हो सका.
यह एक अंक पाकिस्तान के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए अहम साबित हुआ. ऑस्ट्रेलिया के 8 अंक थे और उसका नेट रन रेट भी पाकिस्तान से बेहतर था. लेकिन अपने 9 अंकों के साथ पाकिस्तान सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहा.
विराट का ऐतिहासिक कारनामा
वापस आते हैं बांग्लादेश के ख़िलाफ़ इस मैच के प्रदर्शन पर तो यहां एक बार फिर विराट कोहली ही छाए हुए हैं.
विराट कोहली ने अपनी 64 रनों की पारी के दौरान टी20 वर्ल्ड कप में एक ऐतिहासिक कारनामा भी कर डाला.
इस पारी के दौरान वे टी20 वर्ल्ड कप में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए.
उन्होंने महेला जयवर्धने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा. महेला जयवर्धने के नाम टी20 वर्ल्ड कप की 23 पारियों में 1016 रन बनाने का रिकॉर्ड था.
विराट कोहली ने इस रिकॉर्ड को जयवर्धन से 8 पारी कम खेलते हुए पूरा किया. कोहली के अब 25 टी20 वर्ल्ड कप मैचों में 88.75 की औसत से 1065 रन हो गए हैं.
इतना ही नहीं बल्लेबाज़ी औसत के मामले में भी वो टी20 वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ हैं, तो सबसे अधिक अर्धशतकों (13) के मामले में भी वो सबसे आगे हैं.
'एडिलेड से लव'
विराट कोहली ने जहां इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया वहीं एडिलेड ओवल के मैदान पर हमेशा की तरह एक मैच जिताऊ पारी खेली.
विराट का बल्ला इस मैदान पर क्रिकेट के हर फॉर्मेट में चलता रहा है. ये टी20 में इस मैदान पर उनकी केवल दूसरी पारी थी.
पहली पारी में उन्होंने 90 रन बनाए थे तो आज उन्होंने 64 रनों की नाबाद पारी खेली. यानी दोनों पारियों में कोहली के बल्ले से अर्धशतक निकले.
विराट एडिलेड के मैदान पर टेस्ट मैच में तीन शतक और एक अर्धशतक समेत 63.63 की औसत से 509 रन बना चुके हैं. वहीं वनडे में भी उन्होंने यहां चार मैचों में दो शतक जमाए हैं और 61.00 की औसत से 244 रन बनाए हैं.
इस टी20 वर्ल्ड कप की बात करें तो विराट चार मैचों में तीन अर्धशतक समेत 220 रन बना चुके हैं और केवल दक्षिण अफ़्रीकी गेंदबाज़ को ही उन्हें आउट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. तो फिलहाल वो इस टूर्नामेंट में 220 की औसत से खेल रहे हैं
मैच के बाद विराट ने भी कहा कि एडिलेड में बल्लेबाज़ी करना उन्हें बहुत पसंद है और यहां उन्हें घर जैसा महसूस होता है.
मैच के बारे वो बोले, "काफ़ी क्लोज़ गेम था, उतना नहीं जितना हम चाहेंगे. बल्ले के साथ अच्छा दिन था. जब मैं बल्लेबाज़ी करने उतरा तो थोड़ा दबाव था. मैं नहीं चाहता था कि कोई छोटी ग़लती भी मुझे प्रभावित करे.
मैं इस वक़्त अपने बीते हुए समय से तुलना नहीं करना चाहता हूं. जब मुझे पता चला था कि ये वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया में है तो मैं मन ही मन ख़ुश हो रहा था."
इस दौरान विराट ने ये भी कहा कि जब भी वो एडिलेड आते हैं उन्हें यहां बल्लेबाज़ी करना काफी पसंद आता है और उन्होंने अपनी पारी से एक बार फिर ये साबित भी किया.
विराट कोहली के इस प्रदर्शन पर एक ट्वीटर यूज़र ने लिखा, "मैन ऑफ़ द मैच बनाम बांग्लादेश. (सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए बहुत अहम मुक़ाबला)"
"विराट कोहली- बड़ा अवसर, बड़े खिलाड़ी, बार-बार करते हैं प्रदर्शन."
भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमज़ोर कड़ी उसकी ओपनिंग बल्लेबाज़ी बनी हुई है.
अब तक केएल राहुल का बल्ला खामोश था, लेकिन वो इस मैच में अर्धशतक बना कर फिलहाल अपने आलोचकों को शांत करने में कामयाब रहे हैं.
लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने केवल नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ अर्धशतकीय पारी खेली और बाकी के तीन मैचों में उनके बल्ले से पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 4, दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 15 और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दो रन ही निकले.
जहां विराट ब़गैर कोई जीवनदान मिले रन जुटाने और मैच जिताऊ पारी खेलने में लगे हैं, वहीं रोहित (बांग्लादेश समेत) दो मैचों में हुए दो ड्रॉप कैचों का भी फायदा नहीं उठा सके.
रोहित के साथ-साथ इस पूरे टूर्नामेंट में दिनेश कार्तिक को ऋषभ पंत पर तरजीह देते हुए अंतिम एकादश में जगह दी गई है, लेकिन न तो वो बल्ले से रन बना रहे हैं और न ही उनकी विकेटकीपिंग ही अच्छी हो रही है.
बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भी विकेट के पीछे दो बार कैच न पकड़ पाना चर्चा में रहा. वहीं बल्लेबाज़ी में दिनेश कार्तिक बेहद औसत नज़र आए.
इस साल आईपीएल में कार्तिक अंतिम ओवरों में पहली ही गेंद से चौके छक्के लगाते नज़र आ रहे थे, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने कई आसान मौके भी गंवाए हैं.
कार्तिक के साथ ही रविचंद्रन अश्विन भी इस वर्ल्ड कप में अपनी गेंदों से कुछ ख़ास नहीं कर पाए हैं. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ चार ओवरों में एक विकेट पर 43 रन और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 3 ओवरों में 23 रन दे चुके अश्विन का कमज़ोर प्रदर्शन बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भी बदस्तूर जारी रहा. उन्होंने अपने दो ओवरों में 19 रन खर्च डाले.
टीम की मज़बूती
जहां कुछ पुराने और दिग्गज़ खिलाड़ी टीम की कमज़ोर कड़ी बने हुए हैं वहीं इसमें कोई शक नहीं कि सूर्यकुमार यादव और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी टीम के नए आधार बनते दिख रहे हैं.
सूर्यकुमार यादव ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ तो महज 30 रनों की पारी खेली, लेकिन बुधवार को ही उन्हें टी20 क्रिकेट में वो मुकाम हासिल हुआ जो कुछ हफ़्ते पहले उन्हें महज कुछ घंटों के लिए हासिल हुआ था.
जी हां आप ठीक समझे, सूर्यकुमार यादव अब टी20 क्रिकेट में नंबर-1 के बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने पाकिस्तान के मोहम्मद रिज़वान को पीछे छोड़ा है.
वे इस साल टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी हैं. टी20 क्रिकेट के नंबर-1 बल्लेबाज़ बनने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ''आपके प्यार और समर्थन का आभारी हूं, यह मुझे कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है."
इस वर्ल्ड कप में वो 15, 51 नाबाद, 68 और 30 रनों की पारी खेल चुके हैं. उनकी बल्लेबाज़ी की तारीफ़ में कई दिग्गज़ क्रिकेटर बहुत कुछ कह चुके हैं.
ठीक ऐसा ही अर्शदीप सिंह के लिए भी कहा जा रहा है. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत ही उन्होंने विकेट के साथ की. बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान को उन्होंने शुरू में ही आउट कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दी. तो दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ भी उन्होंने ही शुरुआती विकेटें झटक कर कुछ देर लिए ही सही, लेकिन उम्मीद तो जगाई ही थी.
अब तक अर्शदीप ने इस वर्ल्ड कप में 9 विकेटें ली हैं जो अन्य सभी अनुभवी भारतीय गेंदबाज़ से कहीं अधिक है.
अर्शदीप की अहमियत कितनी है ये ख़ुद कप्तान रोहित शर्मा ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच के बाद बताया.
बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उन्होंने अर्शदीप से आख़िरी ओवर डलवाई और मैच के बाद बोले, "अर्शदीप जब टीम में आए थे, तो हमने उन्हें डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी करने को कहा था. जसप्रीत बुमराह की ग़ैर-मौजूदगी में ये किसी भी गेंदबाज़ के लिए मुश्किल काम है.
एक युवा खिलाड़ी के लिए ऐसा काम (डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी) करना आसान नहीं है, लेकिन हमने उन्हें इसके लिए तैयार किया है. पिछले 8-9 महीनों से हमारे लिए वो ऐसा कर रहे हैं."
सेमीफ़ाइनल की संभावना
बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भारत की जीत का मतलब यह है कि पाकिस्तानी के लिए सेमीफ़ाइनल का सफ़र अब काफ़ी मुश्किल हो चुका है.
दक्षिण अफ़्रीका से हार की स्थिति में पाकिस्तान का टूर्नामेंट से बाहर होना तय है तो अगर अगले दो मैच भी वो जीत जाता है तो उसके छह अंक ही होंगे.
भारत अपना आखिरी मैच जीत गया तो वो सेमीफ़ाइनल में पहुंच जाएगा जबकि दोनों मुक़ाबले जीत कर भी पाकिस्तान केवल छह अंक होने की वजह से बाहर हो जाएगा. क्योंकि दक्षिण अफ़्रीका को अभी नीदरलैंड्स से भी खेलना बाकी है.
उधर पाकिस्तान दोनों मैच जीता, तो बांग्लादेश वैसे ही बाहर हो जाएगा वहीं बांग्लादेश के जीतने की सूरत में भी वो (बांग्लादेश) तभी सेमीफ़ाइनल की रेस में बना रहेगा जब भारत अपना आखिरी मैच हार जाए.
कुल मिलाकर सेमीफ़ाइनल में जहां भारत का पहुंचना लगभग तय है वहीं पाकिस्तान के लिए यह टेढ़ी खीर नज़र आ रहा है. वैसे आगे के दोनों मैच जीतने और ज़िम्बाब्वे से भारत को हराने और नीदरलैंड्स से दक्षिण अफ़्रीका को हराने या फिर बारिश से मैच बिगाड़ने की स्थिति में टीमों के अंक बांटने की सूरत में उसके सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की संभावना बन सकती है.
फिलहाल पाकिस्तान गुरुवार को दक्षिण अफ़्रीका से हर हाल में जीतने का प्रयास करेगा. वहीं इस ग्रुप से सेमीफ़ाइनल में कौन पहुंचेगा इस पर अंतिम फ़ैसला तो 6 नवंबर को ही होगा. (bbc.com/hindi)


