खेल
दसवें नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए उतरे पाकिस्तानी क्रिकेटर नसीम शाह के दो छक्कों ने एशिया कप से अफ़ग़ानिस्तान के साथ ही भारत को भी बाहर कर दिया है.
इस मैच के बाद एशिया कप का फ़ाइनल तय हो चुका है. रविवार 11 सितंबर को दुबई में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल में भिड़ंत होगी. वैसे दोनों टीमें शुक्रवार को भी सुपर फ़ोर राउंड के आख़िरी मैच में आमने-सामने होंगी.
इससे पहले गुरुवार को भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच मैच होना है, मगर इसके नतीजे से फ़ाइनल की तस्वीर नहीं बदलेगी.
जुबानी जंग
यूं तो पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट के मैदान पर पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी नहीं रहे हैं, लेकिन फिर भी बुधवार को हुए मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच सरगर्मी बढ़ी रही.
इसकी झलक मैच विनिंग शॉट मारने के बाद मैदान पर नसीम शाह की आक्रामकता में भी दिखी. लेकिन सांसें थामने वाले इस मुक़ाबले से जुड़े एक वाक़ये ने मैदान के बाद अब सोशल मीडिया का तापमान बढ़ा दिया है.
दरअसल, मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटर आसिफ़ अली और अफ़ग़ानिस्तानी गेंदबाज़ फ़रीद अहमद एक-दूसरे से उलझ पड़े. दोनों के बीच ज़ुबानी जंग हो ही रही थी कि आसिफ़ अली ने फ़रीद अहमद के ऊपर अपना बल्ला उठा दिया.
अब इसी मामले को लेकर सोशल मीडिया यूज़र्स पाकिस्तानी क्रिकेटर आसिफ़ अली को बैन किए जाने की मांग कर रहे हैं.
हालांकि, कुछ लोग ख़ासतौर पर पाकिस्तानी, आसिफ़ अली के समर्थन में आए हैं और उनके ऐक्शन को जायज़ भी बता रहे हैं.
क्या है पूरा वाक़या
बुधवार को हुए मैच में अफ़ग़ानिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान को 130 रनों का लक्ष्य दिया.
बेशक़, ये स्कोर बड़ा नहीं था लेकिन पाकिस्तानी टीम को इसका पीछा करने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी. 18वें ओवर तक पाकिस्तान के जीतने का रास्ता मुश्किल था.
हालांकि, 19वें ओवर की चौथी गेंद पर फ़रीद अहमद की गेंद पर पाकिस्तानी ख़िलाड़ी आसिफ़ अली ने शानदार छक्का जड़ दिया. उनके रहते हुए टीम की जीत की संभावना थी.
लेकिन अगली ही गेंद पर वो शॉर्ट फ़ाइन लेग पर खड़े करीम जनत के हाथों में अपना कैच दे बैठे और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा और पाकिस्तान की टीम पर हार का ख़तरा मंडराने लगा.
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लेकिन पवेलियन लौटने से पहले फ़रीद और आसिफ़ के बीच कहासुनी शुरू हो गई. पहले फ़रीद ने कुछ बोला, जो आसिफ़ अली को नाग़वार गुज़रा.
मामला इतना बढ़ा कि आसिफ़ अली पहले फ़रीद पर हाथ उठाते दिखे और इसके बाद उन्होंने बल्ला भी उठा लिया, जैसे वो फ़रीद को मारने के लिए ऐसा कर रहे हों.
हालांकि, इस दौरान फ़रीद भी पीछे नहीं हटे और वो आसिफ़ अली को आंखे दिखाने लगे. इतने में मैदान पर मौजूद अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाड़ियों ने बीचबचाव किया और फ़िर आसिफ़ अली पवेलियन लौट गए.
बाद में आख़िरी पायदान पर आए नसीम शाह ने लगातार दो छक्के जड़ के पाकिस्तान पर हार के ख़तरे को टाल दिया.
मैच के बाद प्रेस से बातचीत के दौरान पाकिस्तान ख़िलाड़ी शादाब ख़ान से जब इस पूरे वाक़ये पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये सब 'हीट ऑफ़ द मोमेंट' हो जाता है लेकिन मैदान पर ही ये बात ख़त्म भी हो जाती है.
कोई समर्थन में, किसी ने उठाई बैन की मांग
मैदान पर प्रतिद्वंद्वी टीम के ख़िलाड़ी के साथ आसिफ़ अली के रवैये पर भी सोशल मीडिया यूज़र्स के बीच दो राय है.
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर ने आसिफ़ अली के विरोध पक्षपातपूर्ण बताया.
उन्होंने एक क्रिकेट वेबसाइट के ट्वीट को कोट करते हुए लिखा, "पूरे मामले का पक्षपातपूर्ण और एकतरफ़ा विवरण. हम सब जानते हैं कि वहां क्या हुआ."
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मैच के बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे भी वीडियो शेयर किए गए जिनमें अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के दर्शकों को स्टेडियम में उलझते देखा जा सकता है.
शोएब अख़्तर ने ऐसा ही एक वीडियो के साथ लिखा, "अफ़ग़ान ये कर रहे हैं. बीते समय में वो ऐसा कई बार कर चुके हैं. ये एक खेल है और इसे सही भावना के साथ खेला जाना चाहिए."
शोएब अख़्तर ने अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख शफ़ीक़ स्टैनिकज़ई को टैग करते हुए ये सलाह भी दी कि अगर उनकी टीम को खेल में आगे बढ़ना है तो खिलाड़ियों और दर्शकों को कुछ चीज़ें सीखनी पड़ेंगी.
पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत काज़मी ने इस पूरे मामले का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें फ़रीद अहमद विकेट गिरते ही आसिफ़ अली के पास जाकर जश्न मनाते दिख रहे हैं. उन्होंने इस रवैये को शर्मनाक बताते हुए फ़रीद अहमद को एक अनजान अफ़ग़ानी गेंदबाज़ बताया है.
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हालांकि, अफ़ग़ानिस्तान के खिलाड़ी और नाग़रिक आसिफ़ अली पर सख्त कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान के क्रिकेटर गुलबदीन नाइब ने दोनों ख़िलाड़ियों के बीच हुई तकरार से जुड़ी एक तस्वीर साझा की है और साथ में लिखा है कि आसिफ़ अली को एशिया कप के बाकी मैचों में बैन कर देना चाहिए.
उन्होंने फ़रीद अहमद का बचाव करते हुए कहा है कि किसी भी गेंदबाज़ को खुशी मनाने का हक़ है लेकिन इस तरह की हाथापाई कतई स्वीकार्य नहीं है.
एक अन्य अफ़ग़ान ख़िलाड़ी आफ़ताब आलम ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को टैग करते हुए आसिफ़ अली को क्रिकेट से ही प्रतिबंधित करने की मांग की है.
वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल के पूर्व पत्रकार हबीब ख़ान ने पाकिस्तानी ख़िलाड़ियों को 'आतंकवादी' करार दे दिया.
समर्थन और विरोध से परे कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ऐसे भी हैं जो आसिफ़ अली की तुलना पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद से कर रहे हैं.
अफ़सोस ये कि तुलना जावेद मियांदाद के क्रिकेट की दुनिया में बनाए रिकॉर्ड से नहीं बल्कि उस वाक़ये की वजह से हो रही है जब उन्होंने भी मैच के दौरान प्रतिद्वंद्वी ख़िलाड़ी पर बैठ उठा दिया था.
ट्विटर पर ख़ुद को कॉमेडियन बताने वाले डेनिस नसीम ने आसिफ़ अली और फ़रीद अहमद की तकरार की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "आसिफ़ अली, जावेद मियांदाद की तरह पेश आते हुए."
दरअसल, 1981 में पर्थ में हुए टेस्ट मैच के दौरान जावेद मियांदाद सिंगल रन लेने के लिए भागे लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ डेनिस लिली उनके रास्ते में आ गए. लिली ने उन्हें अंपायर के सामने अपना पैर दिखाया. इसके जवाब में मियांदाद ने अपना बल्ला उनकी तरफ़ उठा दिया, जिससे लिली अचानक पीछे हट गए.
आख़िरी दो ओवर में बदला नतीजा
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए अफ़ग़ानिस्तान ने 20 ओवरों में 6 विकेट के नुक़सान पर 129 रन बनाए थे. अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से सबसे ज़्यादा 35 रन इब्राहिम ज़ादरान ने बनाए. बेहद कम स्कोर होने के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी को बांधे रखा.
अंतिम 12 गेंदों पर जीत के लिए पाकिस्तान को 21 रन बनाने थे. अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से फ़रीद ने 19वां ओवर फेंका.
फ़रीद ने दूसरी ही गेंद पर हारिस रऊफ के शून्य पर आउट कर दिया. इसी के साथ पाकिस्तान के आठ विकेट गिर गए.
इससे पिछले ही ओवर की अंतिम गेंद पर ख़ुशदिल शाह को फ़ज़लुल्लाह फ़ारूक़ी ने बोल्ड कर दिया था. पाकिस्तान की ओर से तेज़ बल्लेबाज़ी कर रहे आसिफ़ अली ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर छक्का लगाकर अफ़ग़ानिस्तान पर दबाव बना दिया था लेकिन फ़रीद ने अगली ही गेंद पर उन्हें कैच आउट करा दिया.
अंतिम सात गेंदों पर पाकिस्तान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और सिर्फ़ एक विकेट पाकिस्तान के पास बचा था. आसिफ़ अली 8 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हुए.
अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से आख़िरी ओवर फ़ज़लुल्लाह फ़ारूक़ी ने फेंका. पाकिस्तान को 6 गेंदों पर 11 रन बनाने थे और सिर्फ़ एक विकेट उसके हाथ में था.
नसीम शाह ने बीसवें ओवर की पहली ही गेंद पर छक्का लगा दिया. फ़ज़लुल्लाह फ़ारूक़ी ने यॉर्कर फेंकने के चक्कर में फुलटॉस फेंक दी और मैच एक बार फिर पाकिस्तान की तरफ़ झुक गया.
फ़ज़लुल्लाह ने अगली ही गेंद पर फिर वही ग़लती की और वहीं अंजाम हुआ. नसीम शाह ने फुलटॉस को पवेलियन के बाहर भेज दिया और इस तरह चार गेंदें शेष रहते पाकिस्तान ने ये रोमांचक मुक़ाबला जीत लिया. (bbc.com/hindi)


