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शतरंज ओलंपियाड 2022: क्यों भारत के लिए ये बाजी जीतने का हो सकता है सुनहरा मौका?
29-Jul-2022 10:05 AM
शतरंज ओलंपियाड 2022: क्यों भारत के लिए ये बाजी जीतने का हो सकता है सुनहरा मौका?

-सुज़न नाइनन

भारत में आख़िरी बार शतरंज ने साल 2013 में राष्ट्रीय सुर्ख़ियां बटोरी थीं, जब यहां वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था. लगभग एक दशक बाद एक बार फ़िर सबकी निगाहें भारत और भारतीय टीम की तरफ़ टिकी हैं.

भारत पहली बार शतरंज ओलंपियाड की मेज़बानी कर रहा है. तमिलनाडु के शहर मामल्लपुरम में 28 जुलाई से शतरंज ओलंपियाड शुरू हो गया है.

ओलंपियाड 28 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा. प्रतियोगिता में हिस्सा लेने 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मामल्लपुरम पहुंच चुके हैं.

भारत ने शतरंज ओलंपियाड के द्विवार्षिक टीम प्रतियोगिता में केवल एक बार, साल 2014 में कांस्य पदक जीता है. तब भारत को 19वीं वरियता दी गई थी.

भारतीय टीम के युवा और प्रबल ग्रैंडमास्टर्स की फौज ओलंपियाड में मज़बूत दावेदारी पेश करने को तैयार है.

टीम को भी इस बार एक मज़बूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है, शायद इसलिए ओलंपियाड में अमेरिका के बाद भारत को दूसरी वरीयता दी गई है.

इस बार भारतीय टीम के मार्गदर्शक पांच बार के वर्ल्ड शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद हैं. उनके साथ शतरंज के कई सफल कोच भी भारतीय खिलाड़ियों का साथ दे रहे हैं.

ऐसे में भारतीय टीम पूरे ओलंपियाड में आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी.

आयोजन में छह अलग-अलग भारतीय टीम के (ओपन और महिला वर्ग में तीन-तीन) कुल 30 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.

पिछले कुछ हफ्तों में, टीम के प्रशिक्षण सत्रों में उन्हें एक साथ रखा गया है. कुछ खिलाड़ी इन सब से दूर हैं, टूर्नामेंट खेल रहे हैं, और अभी भी विमान यात्रा करने से हुई थकान से जूझ रहे हैं.

एक बड़े घरेलू टूर्नामेंट का उत्साह और दबाव शायद अभी शुरू होना बाकी है.

पेंटाला हरिकृष्णा, विदित गुजराती, के शशिकिरण, एसएल नारायणन और अर्जुन एरिगैसी जैसे अनुभवी खिलाड़ी ओपन सेक्शन में भारत की पहली टीम का हिस्सा होंगे. वहीं 'बी' टीम में युवा प्रतिभाओं की दिलचस्प जुगलबंदी देखने को मिलेगी.

'बी' टीम से भी पदक की उम्मीद

11वीं वरियता प्राप्त 'बी' टीम में भारत के सबसे प्रतिभाशाली किशोर ग्रैंडमास्टर्स जैसे - आर प्रज्ञानानंद, डी गुकेश, निहाल सरीन और रौनक साधवानी शामिल हैं. टीम में अनुभवी खिलाड़ी बी अदभिबन भी होंगे, जो 2014 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे.

भारतीय 'बी' टीम के कोच श्रीनाथ नारायण का कहना है कि ऐसा कम ही होता है कि हमारे पास एक ऐसी मज़बूत 'बी' टीम हो, जिस पर पूरे विश्वास के साथ पदक की उम्मीद की जाए.

अगर आखिरी मिनट में कोई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं आती तो हमारे पास पदक जीतने का शानदार मौका है. वो कहते हैं, 'खिलाड़ी अभी अपने पूरे फॉर्म में नहीं आए हैं, जैसे-जैसे दबाव बढ़ेगा, वो अपने बेस्ट फॉर्म में नज़र आने लगेंगे. '

28 जुलाई और 10 अगस्त को ओपनिंग और क्लोज़िंग सेरेमनी होगी और मैच 29 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगा. कुल 11 राउंड में मैच खेले जाएंगे और बीच का एक दिन आराम के लिए होगा.

प्रत्येक टीमों से चार खिलाड़ी खेलेंगे और एक खिलाड़ी को रिज़र्व में रखा जाएगा.

कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली को पहली वरीयता
भारतीय महिला टीम की दो सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी कोनेरू हम्पी और हरिका द्रोणावल्ली को पहली वरियता दी गई है. हरिका द्रोणावल्ली गर्भवती हैं. इन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर अपना अधिकार जमाया है. इसके अलावा तानिया सचदेव, आर वैशाली और भक्ति कुलकर्णी भी इस टीम का हिस्सा हैं.

कोरोना महामारी की गिरफ़्त में गुज़रे बीते दो सालों में ओलंपियाड का आयोजन ऑनलाइन ही किया गया था. साल 2020 के ऑनलाइन ओलंपियाड में भारत ने जहां रूस के साथ स्वर्ण पदक साझा किया था, वहीं 2021 में कांस्य पदक. हालांकि, इसकी तुलना ऑफलाइन शतरंज ओलंपियाड से नहीं की जा सकती है.

केवल चार महीने में भारत ने की आयोजन की तैयारी
आमतौर पर, एक मेजबान देश को इतने बड़े आयोजन की तैयारी के लिए कुछ साल का व़क्त दिया जाता है. लेकिन भारत को केवल चार महीने ही दिए गए.

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि 44वें शतरंज ओलंपियाड का आयोजन रूस में होना था, लेकिन यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया.

अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) ने 10-दिवसीय आयोजन और 1,700 से अधिक खिलाड़ियों की मेजबानी के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को 10 मिलियन डॉलर की राशि दी है.

आयोजन स्थल और यहां लगे इलेक्ट्रॉनिक शतरंज बोर्डों का परीक्षण करने के लिए रविवार को लगभग 1,400 घरेलू प्रतिभागियों के साथ एक ओपन टूर्नामेंट खेला गया.

मामल्लपुरम पहुंच रहीं दुनिया भर की टीमों के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर पारंपरिक परिधानों (धोती-शर्ट) में होर्डिंग्स लिए, लोगों को तैनात किया गया है.

पावरहाउस रूस और चीन इस ओलंपियाड से बाहर रहेंगे लेकिन लगभग सभी शीर्ष देश अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ पहुंच रहे हैं.

इनमें दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नार्वे के मैगनस कार्लसन भी शामिल हैं. लगातार पांच बार विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद कार्लसन ने अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप से खुद को दूर रखने की घोषणा की है.

कार्लसन के लिए खास है चेन्नई
संयोग से, चेन्नई वही जगह है जहां कार्लसन ने साल 2013 में तत्कालीन विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को हराकर अपना पहला विश्व चैपिंयनशिप खिताब जीता था.

इस मैच ने तब युवा भारतीय शतरंज खिलाड़ियों की एक पूरी पीढ़ी को काफ़ी प्रभावित किया था. देश के कुछ सबसे होनहार ग्रैंडमास्टर, जो तब सात या आठ साल के रहे होंगे, उन्होंने मैच देखते हुए अपनी आंखें मूंद ली थीं.

उस मैच के दौरान हयात रीजेंसी होटल की लॉबी एक शतरंज मेले की तरह दिख रही थी, जिसमें चेस बोर्ड कहीं फर्श, तो कहीं लोगों की गोद में रखे थे और बच्चे उन पर नज़रें टिकाए पहेलियां सुलझाने में व्यस्त थे.

इनमें प्रज्ञानानंद और निहाल भी शामिल थे. निहाल ने लगभग उसी समय चेन्नई में हुई राष्ट्रीय अंडर-नाइन चैंपियनशिप में जीत हासिल की थी. उन पर शायद उस बड़ी प्रतियोगिता और 20 साल के कार्लसन का गहरा प्रभाव पड़ा था.

वहीं साल 1995 के विश्व चैंपियनशिप में गैरी कास्परोव और विश्वनाथन आनंद के बीच खेला गया मैच ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ के लिए लाइफ़ चेंजिंग मोमेंट साबित हुआ.

वो बताते हैं, "मेरे पिता ने टीवी पर वह मैच देखा और उन्हें शतरंज से प्यार हो गया. तभी उन्होंने फैसला किया कि वह मुझे शतरंज की ट्रेनिंग दिलवाएंगे. तब मैं एक साल का था."

भारत में पहली बार आयोजित इस ओलंपियाड के लिए आयोजकों ने पब्लिसिटी कैंपेन चलाया है. चेन्नई का सबसे मशहूर नेपियर पुल, अब एक शतरंज बोर्ड की तरह नज़र आ रहा है. दूध के पैकेट्स पर शतरंज के मोहरे प्रिंट कर दिए गए हैं, सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से जुड़े हैशटैग्स का प्रयोग किया जा रहा है.

महामारी के बीच ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर शतरंज की लोकप्रियता बढ़ी है. यूट्यूब और ट्विच स्ट्रीम्स जैसे ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर लोग जमकर इसे फॉलो कर रहे हैं.

भारत को विश्व चैंपियनशिप की मेज़बानी किए नौ साल हो गए थे, धीरे-धीरे इसका प्रभाव ख़त्म होने लगा था. ऐसे में ओलंपियाड की मेज़बानी के बाद ज़रूर एक नई ऊर्जा का संचार होगा.

घरेलू टीम के लिए यह ओलंपियाड ऐतिहासिक साबित हो सकता है. क्रिकेट और फ़ुटबॉल की दीवानी युवा पीढ़ी अगले डेढ़ हफ्ते के लिए ही सही, पर ओलंपियाड के हर अपडेट पर नजर टिकाए हुए है

अपने देश के सर्वश्रेष्ठ शतरंज खिलाड़ियों के नाम से रूबरू होने का ये बढ़िया समय साबित हो सकता है. (bbc.com)


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