खेल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 13 जून। महासमुंद शहर में पहली बार आयोजित ऑल इंडिया फीडे रेटिंग चेस टूर्नामेंट के दूसरे दिन भी खिलाडिय़ों ने दो राउंड का खेल खेला। वन विद्यालय में आयोजित इस टूर्नामेंट में सुबह से लेकर देर शाम तक खिलाडिय़ों के बीच शह-मात का खेल चलता रहा। इसी के तहत अंतरराष्ट्रीय नियमानुसार स्विस लीग पद्धति से खेली जा रही इस स्पर्धा में 9 राज्यों से 245 खिलाड़ी खिताबी जीत के लिए दांव-पेंच में लगे रहे।
पहले टेबल पर छत्तीसगढ़ के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी विनोद कुमार शर्मा 2173-3 अंक और छग की ही अंशुल मिश्रा 1382- 3 अंक के बीच सिसिलियन डिफेंस से बाजी खेली गई। यह बाजी लंबी चली। जिसे विनोद ने अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए आसानी से जीत लिया। इसी तरह दूसरे टेबल पर बिहार के दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कुमार गौरव 2045-3 अंक और पश्चिम बंगाल के देबाप्रियो साहा 1345-3 अंक बीच मॉडर्न वेरिएशन सिसिलियन में बाजी खेली गई। शुरुआत से ही कुमार गौरव ने अपने सभी मोहरों को सक्रिय करते हुए अपने विपक्षी पर दबाव बनाना शुरू किया और क्वीन, बिशप व रुक की मदद से एच फाइल के पाने को बढ़ते हुए बाजी पर मजबूत पकड़ बना ली। इसके चलते 30वीं चाल के बाद साहा ने हार मानना उचित समझा।
तीसरे टेबल पर मध्यप्रदेश के प्रतीक चंदवानी 1365-3 अंक और झारखंड के रोहन विजय शांडिल्य 2014-3 अंक के बीच इंग्लिश ओपनिंग से बाजी की शुरुआत हुई। इस संघर्षपर्ण मुकाबले में मिडिल गेम तक बाजी बराबरी पर चली। लेकिन एंड गेम में शांडिल्य ने दो प्यादों की बढ़त लेकर बाजी 60वीं चाल में जीत ली।
चौथे टेबल पर छग के वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी शेख ईदु 2012-3 अंक के साथ छग के ही प्रभमन सिंह मल्होत्रा 1326-3 अंक के साथ मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण रहा। दोनों के पास अंतखेल में समान मोहरे थे, लेकिन प्रभमन समय के दबाव में रहा। इस कारण बाजी पर उनका नियंत्रण नहीं रहा और प्यादों को एक-एक कर पिटवाते चले गए। इस तरह 4 घंटे के कश्मकश के बाद शेख ईदु ने बाजी अपने पक्ष में कर ली।
पांचवे टेबल पर बिहार के किशन कुमार1747-3 अंक के साथ छग के आनंद राय 1277-3 अंक के साथ बाजी की शुरुआत मॉडर्न वेरिएशन सिसिलियन से हुई। किशन ने सफेद मोहरे से काफी आक्रामक शैली में खेलते हुए काले मोहरे से खेल रहे आनंद राय को किलाबंदी करने का मौका ही नहीं दिया। नाईट क्वीन के शानदार कॉम्बिनेशन के साथ किशन ने 34 वीं चाल में अपने अपोनेंट को हार मानने के लिए विवश कर दिया।


