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नई दिल्ली. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में 3 मैचों की सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा है. जहां भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. मैच के पहले दिन साउथ अफ्रीकन खिलाड़ी काली पट्टी बांधे मैदान पर नजर आए. दरअसल साउथ अफ्रीका के ‘आर्चबिशप’ डेसमंड टूटू का रविवार को निधन हो गया. वह 90 साल के थे और उन्होंने जिंदगी भर रंगभेद के खिलाफ संघर्ष किया.
उन्हें साउथ अफ्रीका में रंगभेद विरोधी प्रतीके के रूप में भी जाना जाता है. टूटू को 1984 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था. उनके सम्मान में ही साउथ अफ्रीकन टीम पहले दिन काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी. टूटू को 1990 के दशक के आखिर में प्रोस्टेट कैंसर के बारे में पता चला था, जिसका पिछले काफी सालों से इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
विहारी और अय्यर को करना होगा इंतजार
मैच की बात करें तो भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने टॉस के बाद स्वीकार किया कि विपक्षी टीम मजबूत टीमों में से एक है और क्रिकेट खेलने के लिहाज के साउथ अफ्रीका चुनौतीपूर्ण जगह है. अनुभवी चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने में कामयाब रहे. हालांकि इस वजह से श्रेयस अय्यर और हनुमा विहारी को अपनी बारी का इंतजार करना होगा.
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वहीं साउथ अफ्रीकन टीम ने 6 फीट 8 इंच ऊंचे कद के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्को जेनसन को मौका दिया है, जो अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे हैं. उन्होंने इसी साल आईपीएल में भी डेब्यू किया था. रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई इंडियंस ने उन्हें बेस प्राइस 20 लाख रुपये में खरीदा था.


