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नई दिल्ली. पिछले काफी समय से खराब दौर से गुजर रहे भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट में दोहरा शतक लगा सकते हैं. भले ही उन्हें शतक के इतने करीब पहुंचने में भी 35 पारी लग गई हो, मगर तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में वो जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे हैं, उन्हें देखकर कहा जा सकता है कि वो 2012 के इतिहास को फिर दोहराने के मूड में हैं.
दरअसल पुजारा ने पिछला टेस्ट शतक जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाया था. इसे बाद 35 पारियों में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन ही रहा. मगर 2019 के शतक के बाद 36वीं पारी में वह शतक के काफी करीब पहुंचे.
2012 वाला कमाल कर सकते हैं पुजारा
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उन्होंने 91 रन बना लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 15 चौके लगाए. पुजारा दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान विराट कोहली के साथ क्रीज पर टिके रहे. अपने टेस्ट करियर में दूसरी बार पुजारा दिन का खेल समाप्त होने तक नाइंटीज पर नाबाद रहे.
इससे पहले नवंबर 2012 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ दिन का खेल समाप्त होने तक वह 98 रन पर नाबाद थे और अगले दिन उन्होंने इसे दोहरे शतक में बदलते हुए नाबाद 206 रन जड़ दिए थे. भारत ने 9 विकेट से उस मुकाबले को जीता था. यही नहीं पुजारा इंग्लैंड में दिन का खेल समाप्त होने तक 90 पर नाबाद रहने वाले पहले भारतीय टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे पहले 1952 में लॉर्ड्स टेस्ट में वीनू मांकड़ ऐसा कर सकते थे. वह 86 रन पर नाबाद रहे थे और फिर अगले दिन उन्होंने शतक जड़ते हुए अपनी पारी को 184 रन तक पहुंचाया था.


