राजनांदगांव
गुणवत्ता का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 जून। अधोसंरचना मद से नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में कराए जा रहे सीसी सडक़ एवं नाली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने लगी है। नागरिकों की माने तो ठेकेदार निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पालन नहीं कर रहे हैं। शिकायतकताओं ने निर्माण कार्यों की जांच कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने एवं निर्माणाधीन कार्यों की तय मापदंडों के अनुरूप कराने की मांग की है।
नगर पंचायत के 15 वार्डों में पार्षदों के प्रस्ताव एवं नगर पंचायत अध्यक्ष की अनुशंसा पर अधोरंचना मद से सीसी सडक़ व नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होते ही इसकी शिकायतें भी तेज हो गई है। नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तय मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता का पालन नहीं किया जा रहा है। सीसी सडक़ में क्यूरिंग ही नहीं की जा रही है। जिससे सडक़ उखडऩे लगी है और सीमेंट उड़ रहा है और पावडर की तरह हाथों में आ रहा है।
पार्षदों ने खोला मोर्चा
निर्माण कार्य की क्वालिटी एवं क्यूरिंग प्रापर्ली नहीं कराए जाने को लेकर नगर पंचायत के पार्षदों ने भी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। वार्ड 5 की पार्षद सभापति ईश्वरी धुर्वे एवं वार्ड 8 की पार्षद उषा यादव ने बताया कि उनके वार्डों में बनाए गए सीसी सडक़ में निर्माण के दौरान प्रापर्ली क्यूरिंग नहीं किया जा रहा है। जिससे सडक़ उधडऩे लगी है और सीमेंट धूल की तरह उड़ रहा है। इसी तरह वार्ड तीन में बनाए गए सीसी सडक़ के निर्माण में गुणवत्ता का पालन नहीं किए जाने तथा क्यूरिंग नहीं किए जाने की शिकायतें है। वार्ड 15 में निर्माणाधीन नाली निर्माण कार्य में मापदंडो के अनुरूप सरिया नहीं लगाने एवं निर्माण कार्य नहीं कराए जाने की गंभीर शिकायतें है।
अध्यक्ष ने दिए शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश
सीसी सडक़ एवं नाली निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पालन नहीं किए जाने की शिकायत अब सीधे नगर पंचायत अध्यक्ष तक आ गई है। सभापति ईश्वरी धुर्वे, विनोद डेहरिया, पार्षद उषा यादव ने नगर पंचायत अध्यक्ष से सीधी बातचीत करते निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पालन नहीं किए जाने एवं ठेकेदार द्वारा मनमानी किए जाने की शिकायत की है। पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से लेते नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने निकाय के निर्माण शाखा को कार्य की जांच करने तथा गुणवत्ता का पालन कराने का निर्देश दिया है। अध्यक्ष ने कहा कि यदि काम में गड़बड़ी मिली और कार्य में सुधार नहीं हुआ तो ठेकेदारों के खिलाफ प्रावधानों के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधोसंरचना मद से नगर में दो करोड़ के कार्य
नगर पंचायत में अधोसंरचना मद से दो करोड़ के कार्य हो रहे हंै। राज्य शासन ने अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 95 लाख की मंजूरी दी है। इसमें से लगभग एक करोड़ का कार्य पार्षदों के प्रस्ताव पर 15 वार्डों में सीसी सडक़ एवं नाली निर्माण कार्य हो रहा है। जबकि शेष एक करोड़ की राशि में 25 लाख की लागत से नगर पंचायत कार्यालय में प्रथम तल निर्माण एवं 35 लाख की लागत से गांधी चौक से बाजार चौक तक एवं गुप्ता चौक से लाल भीष्मदेव शाह चौक तक डामरीकरण कार्य कराए जाने एवं दस लाख रुपए से नगर के जल संकट से घिरे प्रभावित क्षेत्रों में नलकूप खनन और इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय कम्युनिटी भवन का जीर्णोद्धार तथा शॉपिंग काम्प्लेक्स एवं टाउन हाल का मरम्मत संधारण शामिल है।
पीआईसी मेम्बरों से अधिक पार्षदों के वार्डों में खर्र्च
नगर पंचायत परिषद के प्रस्ताव के अनुरूप सभी 15 वार्डों में पार्षदों को 5-5 लाख रुपए का सडक़ व नाली का प्रस्ताव भेजने को कहा गया था, लेकिन पीआईसी मेंम्बरों के वार्ड में पांच लाख रुपए से भी कम का कार्य हो रहा है। पीआईसी मेंबरों ने एकजुटता एवं भेदभाव से उपर उठते अपने- अपने वार्डों में तय राशि से भी कम का कार्य दिया है। पीआईसी मेंबर वार्ड 12 के पार्षद किशुन पटेल के वार्ड में मात्र साढ़े तीन लाख, वार्ड 13 पार्षद सभापति उमा निषाद के वार्ड में मात्र साढ़े चार लाख, इसी तरह सभापति विनोद डेहरिया, ईश्वरी धुर्वे एवं पावन गुप्ता के वार्ड में भी पांच लाख से कुछ कम की राशि का कार्य कराया जा रहा है। बताया जाता है कि नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने अधोसंरचना मद से आई राशि के वितरण के दौरान अपने सभापतियों से कहा था कि निकाय एवं नगर में यह संदेश जाना चाहिए कि हमने अपने साथी पार्षदों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है, इसलिए सभापतियों के वार्डों में अन्य पार्षदों के मुकाबले कम राशि आबंटित हुई है।


