राजनांदगांव

भीषण गर्मी से घटते जलस्तर के बीच सूखे तालाब
26-Apr-2026 3:46 PM
भीषण गर्मी से घटते जलस्तर के बीच सूखे तालाब

ग्रामीण इलाकों में निस्तारी संकट गहराया, शहर में नलों की धार हुई पतली
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 अप्रैल।
इस साल पड़ रही भीषण गर्मी ने कोहराम मचा रखा है। तपती धरती तेजी से सूख रही है। घटते जलस्तर के बीच तालाब और सरोवर लगभग सूख चुके हैं।
ग्रामीण इलाकों में निस्तारी को लेकर एक गहरे संकट की स्थिति बन गई है। निस्तारी की समस्या से जूझते ग्रामीणों को हैंडपंप और कुंओं की मदद से थोड़ी बहुत राहत मिल रही है, लेकिन तालाबों में पानी की कमी से मवेशियों के लिए भी संकट उत्पन्न हो गया है। जिले में लगातार जलस्तर नीचे जा रहा है। शहर के तालाब और सरोवर भी सूखने की कगार पर है। शहर में नगर निगम द्वारा जल की आपूर्ति की जा रही है। पेयजल समस्या एक व्यापक रूप लेने लगा है। यही कारण है कि पर्याप्त पेयजल आपूर्ति को लेकर निगम प्रशासन भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय शिवनाथ नदी से दो वक्त का पानी नलों के जरिये सप्लाई करना एक चुनौती के रूप में बदल गई है।  बताया जा रहा है कि शिवनाथ नदी का भी जलस्तर घट रहा है। ऐसे में मोंगरा जलाशय से पानी की मांग निगम प्रशासन ने की है। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के साथ-साथ निस्तारी की समस्या भी खड़ी हो गई है। तालाबों में पानी काफी कम मात्रा में है। कई गांव में तालाब पूरी तरह से सूख चुके हैं। सही वक्त पर तालाबों का जीर्णोद्वार और गहरीकरण नहीं होने से भी स्थिति बिगड़ी है।

देहात क्षेत्रों में लोग तालाब और  सरोवरों में निस्तारी के लिए पहुंचते हैं। हैंडपंप से पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो रही है। कुओं का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है। कुओं से पानी निकालना ग्रामीणों के लिए डेढी खीर बन गया है। इस साल अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा रिकार्डतोड़ गर्मी के दायरे में है। मई का पूरा महीना अभी गर्मी के लिहाज से बचा हुआ है। मई में भी भीषण गर्मी पडऩे की आशंका जताई गई है।
मई के महीने में तापमान में इजाफा होने से नदियों के पानी का तेजी से वाष्पीकरण होना भी गहरे पेयजल संकट के लिए खतरनाक साबित होगा। ऐसे में निगम प्रशासन ने मई महीने में पानी की सप्लाई के लिए तैयारी की है। शहर में रोजाना पानी की खपत में बढ़ोत्तरी हुई है। निगम प्रशासन ने अब तक अलग-अलग बैराजों से 1000 एमसीएफटी पानी  लिया है। अगले डेढ़ माह के लिए मोंगरा में पानी रिजर्व रखा गया है, लेकिन भीषण गर्मी के कारण समय से पहले पानी की मांग तेज होने के आसार हैं।


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