राजनांदगांव

नकली सोना रखकर लाखों का लोन, एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश
20-Jan-2026 8:17 PM
नकली सोना रखकर लाखों का लोन, एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 20 जनवरी।
आईसीआईसीआई बैंक में गोल्ड लोन के लिए नकली सोना को असली बताकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर दो साल से फरार होने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।  

मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी अमित शर्मा रिलेशनशीप मैनेजर आईसीआईसीआई बैंक शाखा गंज चौक राजनंादगांव द्वारा 9 फरवरी 2024 को कोतवाली में आवेदन पेश किया कि आरोपी राजेश लूनिया लूनिया निवास मकान नं. 349/1 दरोगा चाल वार्ड नं. 31 राजनांदगांव ने 27 अप्रैल 2022,  28 अप्रैल 2022 एवं 28 जून 2022 को कुल 1405.45 ग्राम सोना बैंक में रखकर बैंक से कुल 4 गोल्ड लोन लेकर 48 लाख 9 हजार 984 रुपए लोन का रकम प्राप्त किया था।

उक्त स्वर्ण आभूषणों का भौतिक परीक्षण बैंक द्वारा स्वीकृत सोनार राजकुमार देवकर से कराया गया था। जिसने परीक्षण पश्चात सभी स्वर्ण आभूषणों को असली होना बताया था। राजेश लुनिया द्वारा पुन: बैंक के अंजोरा दुर्ग शाखा में गोल्ड लोन लेने के दौरान गोल्ड का परीक्षण अंजोरा शाखा दुर्ग द्वारा कराने पर राजेश लूनिया द्वारा प्रस्तुत सोने का आभूषण नकली होना पाया गया था। इस बात की जानकारी होने पर राजनांदगांव शाखा में रखे गोल्ड आभूषणों की जांच पुन: अन्य जांचकर्ता से कराने पर सभी 1405.45 ग्राम स्वर्ण आभूषण नकली होना पाया गया।

इस तरह राजेश लूनिया एवं राजकुमार देवकर द्वारा षड्यंत्रपूर्वक बैंक में नकली सोना रखकर 48 लाख 9 हजार 984 रुपए का लोन रकम प्राप्त कर बैंक के साथ धोखाधड़ी करना पाए जाने से आरोपियों के खिलाफ अप.क्र. 88/24 धारा 420, 120 बी भादवि पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में टीम गठित कर अपराध कायमी के बाद से लगातार 02 साल से फरार आरोपियों की लगातार पतासाजी की जा रही थी।

पतासाजी के दौरान मुखबिर सूचना पर 18 जनवरी को दुर्ग पहुंचकर आरोपी राजकुमार देवकर 33 वर्ष निवासी आपापुरा वार्ड नं. 31 हाउस नंबर 130 पुरोहित लॉज के पीछे दुर्ग को घेराबंदी कर हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया। प्रकरण के सबंध में पूछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार करने पर मामले में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया। प्रकरण के मुख्य आरोपी घटना बाद से फरार है। जिसकी पतासाजी किया जा रही है।


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