रायपुर

हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र-रोहित तोमर के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज
26-Nov-2025 8:17 PM
हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र-रोहित तोमर के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज

देवेंद्र नगर थाना में दर्ज हुआ 10.50 लाख की जबरन वसूली

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 26 नवंबर। जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर सूदखोर वीरेन्द्र तोमर, और फरारी काट रहे उसके भाई रोहित तोमर के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज हुआ है। राजधानी के महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट पंडरी स्थित एक दुकान संचालक ने धोखाधड़ी, धमकाने और जबरन वसूली का आरोप लगाया है। उसने बताया कि करणी सेना से जुड़े विरेंद्र तोमर और रोहित तोमर ने उसके साथ धमकी, जबरन वसूली की है। विरेंद्र तोमर और रोहित तोमर ने दुकान संचालक संजय कुमार चांडक को डरा धमकार कर दुकान से जबरन 10.50 लाख से अधिक का सामान ले गए। घटना चार साल पहले की है। इसकी शिकायत देवेंद्र नगर थाना में दर्ज कराई है।

बतादें कि पूर्व में भी तोमर बंधुओं पर धमकी, जबरन वसूली और जमीन हड़पने के संगीन अपराध कई थानों में दर्ज हुए हैं। मामले की शिकायत के बाद से दोनों भाई फरार चल रहे थे। पुलिस ने इनमें एक आरोपी विरेंद्र तोमर को पिछले दिनों ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। प्रकरण के आरोपी रोहित तोमर अब भी फरार है।

जानकारी के मुताबिक संजय कुमार चांडक ने पुलिस को बताया कि उनकी नॉवेल्टी फर्निशिंग नाम से दुकान है। जहां से अगस्त 2021 से अक्टूबर 2021 के बीच विरेंद्र तोमर उर्फ रूबी तोमर और रोहित तोमर, जो कि दुकान में कई बार आए और हर बार डराते-धमकाते हुए दुकान से पर्दे, बेडशीट, सोफा कवर सहित घर-सजावट का सामान उठाकर ले जाते रहे।

शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपी खुद को प्रभावशाली बताते हुए धमकी देते थे कि तुम मुझे नहीं जानते, मैं करणी सेना का अध्यक्ष हूँ तुम्हारी दुकान बंद करा दूँगा। यहाँ रहने नहीं दूँगा, जो कहूँ वही करना पड़ेगा। लगातार दबाव और धमकियों के कारण व्यापारी ने विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटाई। इस दौरान आरोपियों ने करीब 10,50,808/-  का सामान बिना जबरन दुकान से ले गए।

संजय चांडक ने बताया कि जब वे भुगतान की मांग को लेकर विरेंद्र तोमर के घर पहुंचे तो वहाँ भी गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। इससे भयभीत होकर उन्होंने कुछ समय तक कोई शिकायत नहीं की।

बाद में परिचितों और परिजनों से सलाह मिलने पर व्यापारी ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए धारा 384 (जबरन वसूली), 420 (धोखाधड़ी) और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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