रायगढ़
रायगढ़, 2 मार्च। उद्योगों की अंधेरगर्दी के खिलाफ जहां रायगढ़ जिले की जनता त्रस्त हैं। ऐसे में 28 फरवरी को रायगढ़ मीडिया ने जिंदल के फ्लाई एश डैम से उड़ रही चिंगारी से भडक़े आक्रोश की खबर प्रकाशित की थी। यह मामला कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म में भी जमकर चला, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने जेपीएल के थर्मल पावर प्लांट का जायजा लिया तो पुष्टि इस बात की हुई कि ऐश डाइक के उड़ते राखड़ से कुंजेमुरा सहित आसपास के गांवों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। यही वजह है कि प्रशासनिक चाबुक चलने की कार्रवाई शुरू होते ही जिंदल प्रबंधन में हडक़म्प मच गया है।
रायगढ़ जिले के तमनार स्थित मेसर्स जिंदल पॉवर लिमिटेड, थर्मल पावर प्लांट की ऐश डाइक से राखड़ आसपास के गांवों में उडऩे की शिकायत प्राप्त होने पर जिला प्रशासन ने तत्परता से संज्ञान लिया है। शिकायत कलेक्टर रायगढ़ को प्राप्त होते ही इस मामले की जांच के संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए। इस निर्देश के अनुसार छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायगढ़ के दल द्वारा प्रभावित क्षेत्र ग्राम कुंजेमुरा का स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने ऐश डाइक की स्थिति, राखड़ प्रबंधन व्यवस्था और आसपास के क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभाव का अवलोकन करते हुए स्थानीय ग्रामीणों से भी चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। प्राथमिक जांच में राखड़ उडऩे की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उद्योग प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पर्यावरण मानकों के अनुरूप ऐश डाइक का समुचित संधारण, नियमित जल छिडक़ाव, हरित पट्टी विकास तथा धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।


