रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 27 फरवरी। रेप एवं पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर प्रकरण में न्यायालय ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश देवेंद्र साहू, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पॉक्सो एक्ट) जिला रायगढ़ के न्यायालय में महिला थाना रायगढ़ में दर्ज धारा 65(2), 137(2) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 5(ड), 6 पॉक्सो एक्ट के आरोपी सूरज निषाद (23) को 18 वर्ष से कम आयु की बालिका को बहला-फुसलाकर रेप करने के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
प्रकरण के संबंध में महिला थाना रायगढ़ में पीडि़ता की मां द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग बेटी दुकान आने-जाने के दौरान परिचित सूरज निषाद के संपर्क में थी। 18 मार्च की रात्रि पीडि़ता दुकान से रोते हुए घर पहुंची और बताया कि आरोपी उसे आइसक्रीम खिलाने का झांसा देकर गोद में उठाकर सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ रेप किया। रिपोर्ट पर महिला थाना रायगढ़ में धारा 65(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पीडि़ता का तत्काल मुलाहिजा कराया गया तथा आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 5(ड), 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर द्वारा न्यायालय में सशक्त पैरवी करते हुए अभियोजन साक्षियों के बयान एवं ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी सूरज निषाद को धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(ड) और 6 में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास शेष प्राकृतिक जीवन के लिए एवं 5000 के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही न्यायालय द्वारा पीडि़ता के पुनर्वास एवं सहायता के लिए राज्य की क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत सात लाख रुपये की राशि प्रदान करने का आदेश भी दिया गया है। यह फैसला नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों पर कठोर दंड सुनिश्चित करने तथा पीडि़तों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


