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नई दिल्ली, 15 दिसंबर| दिल्ली की एक अदालत ने 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल्टी मेजर एमार एमजीएफ के पूर्व प्रबंध निदेशक श्रवण गुप्ता के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द करने की अर्जी खारिज कर दी। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले में शोधन की गई रकम गुप्ता द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों के माध्यम से निकाली गई थी। समन के बावजूद जांच में शामिल नहीं होने पर अगस्त में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने 5 दिसंबर को एनबीडब्ल्यू रद्द करने की मांग वाली उसकी याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि आवेदक किसी न किसी बहाने जांच से बचने की कोशिश कर रहा है और समन प्राप्त होने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ।
कोर्ट ने कहा, "आवेदक ने जांच में शामिल होने के लिए ईडी के सामने पेश होने का इरादा नहीं व्यक्त किया। वह इस अदालत के समक्ष भी पेश नहीं हुआ जब सुनवाई के लिए आवेदन लिया गया था। ये केवल यह दिखाता है कि आवेदक जांच में सहयोग करने के लिए तैयार नहीं है।" इसने कहा कि अर्जी बिना किसी मेरिट के हैं और खारिज किए जाने योग्य है।
इंग्लैंड में रह रहे व्यवसायी ने 24 सितंबर को अदालत में अपने सबमिशन में कहा था कि उसे मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या है जिसके चलते वो भारत लौटने में असमर्थ हैं। उसने कोविड महामारी का भी हवाला देते हुए कहा था कि वह यात्रा करने के लिए फिट नहीं है। (आईएएनएस)


