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ओडिशा के किसान ने विरोध में सिर मुंडाया, कहा-सरकार मर चुकी !
15-Dec-2020 8:29 AM
ओडिशा के किसान ने विरोध में सिर मुंडाया, कहा-सरकार मर चुकी !

नई दिल्ली, 15 दिसंबर | केंद्र की ओर से पारित किए गए नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच, ओडिशा के एक किसान ने सरकार की नई नीतियों पर अपनी असहमति जताने के लिए सिर के बाल और दाढ़ी मुंडवाकर अनोखे तरीके से अपना विरोध जताया है। 

ओडिशा के पार्थसारथी जेना ने विरोध जताने के लिए दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर अपना सिर मुंडवा लिया। भारतीय परंपराओं के अनुसार, परिवार के मुखिया या किसी सदस्य की मृत्यु होने पर बाल और दाढ़ी का मुंडन किया जाता है।

मीडिया से बात करते हुए जेना ने कहा, "सरकार को हमारी आवाज सुनाई नहीं दे रही है और वह बहरी हो चुकी है। ऐसा लगता है कि वह मर चुकी है और इसलिए मैं अपना सिर और दाढ़ी मुंडवा रहा हूं।"

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने केंद्र को एक मजबूत संदेश भेजने के लिए ऐसा किया है। किसान समर्थक ने कहा कि जब तक तीन कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

इस बीच तीन नए कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कई किसान नेता सोमवार को एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे। किसान नेताओं ने सोमवार की सुबह आठ बजे अनशन शुरू किया और शाम पांच बजे अनशन समाप्त किया।

गुरु नानक देव की अरदास के साथ ही किसान नेताओं ने अपना उपवास समाप्त किया।

नेताओं ने गाजीपुर जैसी अन्य सीमाओं के अन्य किसान नेताओं से भी अपील की कि वे अपनी दिन भर की भूख हड़ताल को समाप्त करें।

अनशन पर बैठने वालों में हरियाणा के गुरनाम सिंह चढ़ूनी, पंजाब के हरिंदर सिंह लखोवाल और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 30 से अधिक किसान यूनियनों के नेता शामिल रहे।

किसान संगठन कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम 2020, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 का विरोध कर रहे हैं और इन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

--आईएएनएस


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