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चंडीगढ़, 14 दिसंबर | पंजाब और हरियाणा में उपायुक्त कार्यालयों के बाहर किसानों की भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन सोमवार को छिटपुट झड़पों के बीच शांतिपूर्वक चले। भूख हड़ताल केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का हिस्सा थी। पंजाब का सबसे बड़ा किसान संगठन, भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहन) ने हालांकि भूख हड़ताल नहीं की। मगर इसके कार्यकर्ताओं, जिनमें काफी महिलाएं शामिल थीं, ने संगरूर और बरनाला जिलों में विरोध प्रदर्शन किया।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ के साथ पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों और अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हरियाणा की सीमा शंभू बैरियर पर विरोध प्रदर्शन किया।
अमृतसर में एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने भाजपा पर सांप्रदायिक विभाजन का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "मुझे दिल्ली में हमारे एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने बताया कि भाजपा ने अपने कैडर को इस किसान आंदोलन को सिख बनाम हिंदू का नाम देने और समुदायों के बीच दरार पैदा करने के लिए कहा है। लेकिन हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे। हिंदू-सिख एकता को कोई तोड़ नहीं पाएगा। हमारी एकता पंजाब में बुरे दिनों के दौरान भी बरकरार रही और अब भी यह बरकरार रहेगी।"
उन्होंने पार्टी के 100वें स्थापना दिवस को चिह्नित करने के लिए अकाल तख्त में अखंड पथ के 'भोग' समारोह में भाग लेने के बाद सभा को संबोधित किया।
हरियाणा के जींद शहर में किसानों की भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन के दौरान उस वक्त मामूली झड़प हुई, जब प्रदर्शनकारी किसानों ने उपायुक्त कार्यालय में घुसने की कोशिश की। पुलिस को उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। (आईएएनएस)


