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नई दिल्ली, 16 जून । 'नया भारत निर्माण के 12 साल' पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पिछले दशक में देशभर में रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हुआ है। साथ ही, उन्होंने 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने 'नया भारत निर्माण के 12 साल' हैशटैग के साथ एक्स पर लिखा, "पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का रिकॉर्ड स्तर पर हुआ है। 'विकसित भारत' के अपने विजन को साकार करने के लिए देश के लोगों के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" पीएम मोदी ने 'मेरी सरकार' का एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें पिछले 12 वर्षों में देश की इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी उपलब्धियों को बताया गया है। 'मेरी सरकार' की पोस्ट में कहा गया, "किसी देश की ताकत लोगों, बाजारों और अवसरों को जोड़ने की उसकी क्षमता से झलकती है। पिछले 12 वर्षों में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलाव ने आवाजाही को तेज किया है, लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया है और विकास के नए रास्ते खोले हैं। बेहतर कनेक्टिविटी न केवल दूरियों को कम कर रही है बल्कि अवसरों का विस्तार भी कर रही है और एक अधिक समृद्ध भारत की नींव को मजबूत कर रही है।" 'मेरी सरकार' एक्स पोस्ट के अनुसार, पिछले 12 सालों में भारत के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। नेशनल हाईवे की लंबाई 91,287 किमी से बढ़कर 1,46,572 किमी हो गई है, जबकि हाईवे बनाने की रफ़्तार लगभग तीन गुना बढ़कर 12 किमी प्रति दिन से 34 किमी प्रति दिन हो गई है।
इस दौरान 55,000 किमी से ज़्यादा हाईवे जोड़े गए हैं, जिससे पूरे देश में आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों में काफी तेजी आई है। एक अन्य पोस्ट में भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से हो रहे विस्तार पर भी ज़ोर दिया गया। इसमें बताया गया है, ब्रॉड गेज का इलेक्ट्रिफिकेशन 2014 में 20 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 99.6 प्रतिशत हो गया है, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिफ़ाइड रेलवे नेटवर्क में से एक बन गया है। कुल 69,873 रूट किलोमीटर रेल ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है, जबकि 25 राज्यों ने 100 प्रतिशत रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन हासिल कर लिया है। इसके अलावा, 1,330 से ज़्यादा अमृत भारत स्टेशनों को विकसित और आधुनिक बनाया जा रहा है। 'मेरी सरकार' ने यह भी बताया कि वंदे भारत ट्रेनों ने बेहतर स्पीड, आराम और कुशलता के साथ रेल यात्रा को बदल दिया है। अभी, 274 जfलों में 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चल रही हैं। वित्त वर्ष 2026 के दौरान इन सेवाओं में लगभग चार करोड़ यात्रियों ने यात्रा की, जो सालाना 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों ने लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को और मज़बूत किया है। इनमें पूरी ऑक्यूपेंसी (सीटें भरने की दर) देखी गई और सेवा शुरू होने के सिर्फ़ तीन महीनों के भीतर 1.2 लाख से ज़्यादा यात्रियों ने यात्रा की। शहरी परिवहन में भी बड़ा बदलाव आया है। भारत का मेट्रो नेटवर्क 2014 में 248 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में 1,155 किलोमीटर हो गया है। मेट्रो सेवाएं, जो 2014 में सिर्फ पांच शहरों में उपलब्ध थीं, अब 26 शहरों में चल रही हैं। रोजाना यात्रियों की संख्या 28 लाख से बढ़कर एक करोड़ से ज़्यादा हो गई है, जिससे शहरी आवाजाही में काफ़ी सुधार हुआ है। पोस्ट में उड़ान योजना की उपलब्धियों पर भी ज़ोर दिया गया, जिसने हवाई यात्रा को ज़्यादा आसान और सस्ता बना दिया है। चालू एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई है, जबकि 663 उड़ान रूट अब 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोड्रोम को जोड़ते हैं। इन बदलावों ने 'लास्ट-माइल' हवाई कनेक्टिविटी को मज़बूत किया है और भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बनने में मदद की है। - (आईएएनएस)


