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पश्चिम बंगाल एसआईआर मामला: चुनाव ड्यूटी पर तैनात अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं
24-Apr-2026 2:52 PM
पश्चिम बंगाल एसआईआर मामला: चुनाव ड्यूटी पर तैनात अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

नई दिल्ली, 24 अप्रैल । पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले में चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में दाखिल 65 अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। दरअसल, चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि उनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना था कि वे अपने मताधिकार से वंचित हो रहे हैं, जबकि वे स्वयं चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा हैं। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को पहले इस मुद्दे को संबंधित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष उठाना चाहिए। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में विस्तृत तथ्यात्मक जांच और सुनवाई की आवश्यकता होती है, जो अपीलीय मंच पर अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह उचित होगा कि याचिकाकर्ता पहले उपलब्ध वैधानिक उपायों का इस्तेमाल करें।

इसके तहत वे संबंधित अपीलीय ट्रिब्यूनल के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जहां उनके मामले की विस्तार से सुनवाई संभव है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट एमआर शमशाद ने दलील दी कि 65 याचिकाकर्ता चुनाव ड्यूटी पर तैनात हैं और स्थिति विडंबनापूर्ण है क्योंकि जो व्यक्ति चुनाव करा रहा है, वही मतदान नहीं कर पा रहा है जबकि उनके ड्यूटी आदेशों में दर्ज ईपीआईसी नंबर अब हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना कारण बताओ नोटिस के नाम हटाना प्रथमदृष्टया मनमाना है। इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिससे फिलहाल चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को कोई तत्काल राहत नहीं मिल सकी है। अधिकारियों को अब अपनी शिकायत के निस्तारण के लिए अपीलीय प्राधिकरण का रुख करना होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जिन व्यक्तियों की अपील 21 या 27 अप्रैल तक स्वीकार हो जाती है, उन्हें संबंधित चरण में मतदान की अनुमति दी जाए लेकिन केवल अपील लंबित होने से मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा। -- (आईएएनएस)


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