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भारत 6जी लॉन्च की तैयारी में, 600 मेगाहर्ट्ज बैंड की वैधता बढ़ाई गई: टीआरएआई चेयरमैन
24-Apr-2026 2:50 PM
भारत 6जी लॉन्च की तैयारी में, 600 मेगाहर्ट्ज बैंड की वैधता बढ़ाई गई: टीआरएआई चेयरमैन

 नई दिल्ली, 24 अप्रैल । भारत 6जी सेवाओं की शुरुआत की तैयारी कर रहा है, और इसके लिए 600 मेगाहर्ट्ज (एमएचजेड) स्पेक्ट्रम बैंड की वैधता बढ़ा दी गई है, जिसे अगली पीढ़ी के हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही। एनडीटीवी प्रॉफिट के अनुसार, उन्होंने बताया कि यह कदम देश में तेजी से बढ़ रही डेटा खपत को देखते हुए स्पेक्ट्रम की उपलब्धता बढ़ाने और नेटवर्क को अधिक कुशल बनाने की दिशा में उठाया गया है। लाहोटी ने बताया कि टीआरएआई ने स्पेक्ट्रम के बेहतर उपयोग के लिए इंटर-बैंड स्पेक्ट्रम शेयरिंग और अतिरिक्त स्पेक्ट्रम को लीज पर देने जैसे सुझाव भी दिए हैं। रेगुलेटर ने टेलीकॉम कंपनियों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव रखा है। इसमें सरकार द्वारा बनाई गई सुविधाओं को साझा करना अनिवार्य होगा, जबकि निजी कंपनियां अपनी सुविधाएं स्वेच्छा से साझा कर सकेंगी। टीआरएआई ने कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क के लिए भी गाइडलाइन जारी की है, जिससे कंपनियां अपने निजी 5जी नेटवर्क बना सकें।

हालांकि, लाहोटी ने कहा कि यह क्षेत्र अभी उतना सफल नहीं हुआ है और इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मोबाइल नेटवर्क भविष्य की डेटा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, खासकर जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लाहोटी ने बताया कि 2025-26 में भारत में 1.7 करोड़ नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर्स जुड़े, जो एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए फाइबर और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) का मिश्रित मॉडल अपनाना जरूरी होगा। साथ ही, इनडोर कनेक्टिविटी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। टीआरएआई के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इमारतों के डिजाइन के समय ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करना जरूरी है, और इस संबंध में टीआरएआई के सुझावों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। टीआरएआई चेयरमैन ने यह भी बताया कि मशीन-टू-मशीन (एम2एम) कम्युनिकेशन को मजबूत बनाने के लिए भी कई सुझाव दिए गए हैं, ताकि देश का डिजिटल इकोसिस्टम और मजबूत हो सके। -(आईएएनएस)


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