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नई दिल्ली, 11 फरवरी । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि अगर 'इंडिया' अलायंस ने अमेरिका के साथ कोई समझौता किया होता, तो वह बराबरी की शर्तों पर समझौता करता। भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं खड़ा किया जा सकता है। लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा, "अगर 'इंडिया' अलायंस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत कर रहा होता, तो हम एक बात साफ कर देते कि इस इक्वेशन में सबसे जरूरी एसेट भारतीय डेटा है। हम कहते, राष्ट्रपति ट्रंप, आप अपने डॉलर को बचाना चाहते हैं। हम आपके दोस्त हैं। हम आपके डॉलर को बचा सकते हैं, लेकिन आपको यह समझने की जरूरत है कि आपके डॉलर को बचाने के लिए सबसे बड़ी संपत्ति भारतीयों के पास है।" कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, "हम कहते कि राष्ट्रपति ट्रंप, आपको यह समझने की जरूरत है कि कोई भी बातचीत बराबर वालों के बीच होनी चाहिए, मालिक और नौकर की तरह नहीं।
हम यह भी साफ कर देते कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर कोई मोलभाव नहीं हो सकता। भले ही अमेरिका को अपने किसानों को बचाने की जरूरत हो, हम भी अपने किसानों को बचाएंगे।" राहुल गांधी ने कहा कि 'इंडिया' अलायंस एक बराबर की ताकत के तौर पर बातचीत करेगा। भारत के साथ पाकिस्तान जैसा बर्ताव नहीं होने देगा। हम पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेंगे। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ने तय किया कि पाकिस्तान आर्मी चीफ उनके साथ ब्रेकफास्ट करेंगे, तो हमें इस बारे में कुछ कहना होगा।" ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह ताकत जो 21वीं सदी में इंडिया को बदल देगी और हमें एक सुपरपावर बना देगी, सरकार ने उस डेटा को लेकर डिजिटल ट्रेड नियमों पर कंट्रोल छोड़ दिया है, डेटा लोकलाइजेशन हटा दिया है और अमेरिका में डेटा के फ्री फ्लो की इजाजत दी है। डिजिटल टैक्स पर कैप लगा दिया है और सोर्स कोड डिस्क्लोजर को माफ कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि डील के बाद अमेरिका तय करेगा कि हम अपना तेल कहां से खरीदेंगे, न कि हमारी सरकार और अगर भारत किसी ऐसे देश से तेल खरीदता है जिसे अमेरिका को मंजूर नहीं है, तो वे हमें टैरिफ लगाकर सजा देंगे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ट्रेड अरेंजमेंट एनर्जी खरीदने में भारत की स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी को लिमिट कर सकता है। -- (आईएएनएस)


