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जम्मू, 3 फरवरी । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार से तीन दिनों के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सुरक्षा स्थिति की पूरी समीक्षा करेंगे, कई विकास परियोजनाएं शुरू करेंगे और राजनेताओं से बातचीत करेंगे। अधिकारियों ने यहां बताया, "केंद्रीय गृह मंत्री 5 फरवरी की शाम को जम्मू पहुंचेंगे। वे उसी शाम लोक भवन में नेताओं से मिलेंगे। 6 फरवरी की सुबह, केंद्रीय गृह मंत्री कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करेंगे।" अंतरराष्ट्रीय सीमा के दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से लगाए गए उपकरणों का निरीक्षण करेंगे। अधिकारियों ने बताया, "6 फरवरी की दोपहर को, वह जम्मू में एक हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह मंत्रालय, आईबी के वरिष्ठ अधिकारी, सीएपीएफ के प्रमुख, जम्मू-कश्मीर के सिविल प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा समीक्षा बैठक में शामिल होंगे।"
अधिकारी सूत्रों ने बताया कि 7 फरवरी की सुबह वह श्रीनगर के लिए रवाना होंगे, जहां वह कई विकास परियोजनाएं शुरू करेंगे। इसके बाद दोपहर में वह श्रीनगर से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। एक महीने से भी कम समय में, अमित शाह दूसरी बार जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे। बता दें कि 8 जनवरी को उन्होंने नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर पर एक हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। सुरक्षा स्थिति की उनकी समीक्षा के बाद, केंद्रीय गृह सचिव, गोविंद मोहन, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख तपन डेका, सीएपीएफ के प्रमुखों और अन्य एजेंसियों ने 14 और 15 जनवरी को जम्मू का दौरा किया था। आधिकारिक सूत्रों से पता चला है कि गृह मंत्री जम्मू डिवीजन के ऊपरी इलाकों, जिनमें कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर जिले का भी दौरा कर सकते हैं।
8 जनवरी को नई दिल्ली में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में, गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा बलों को भरोसा दिलाया कि 'आतंकवाद-मुक्त जम्मू और कश्मीर' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्हें सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रहने और तालमेल से काम करते रहने का निर्देश दिया ताकि आर्टिकल 370 हटाने के बाद हासिल की गई उपलब्धियों को बनाए रखा जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री ने जम्मू और कश्मीर में पूरी तरह से शांति लाने के लिए आतंकवादियों, उनके ओवर-ग्राउंड वर्कर्स और हमदर्दों के खिलाफ आक्रामक ऑपरेशन चलाते हुए लाइन ऑफ कंट्रोल और इंटरनेशनल बॉर्डर पर ज़ीरो घुसपैठ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। --(आईएएनएस)


