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सूरत, 9 दिसंबर । गुजरात के सूरत में फर्जी 'बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो-होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी' (बीईएमएस) डिग्री गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद 10 फर्जी चिकित्सकों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के “क्लीनिकों” से एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाइयां, इंजेक्शन, सिरप की बोतलें और प्रमाण पत्र बरामद किए गए हैं।
पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, "आरोपियों में से तीन 70,000 रुपये में फर्जी बीईएमएस डिग्रियां बेच रहे थे। उनकी पहचान सूरत के निवासी रसेश गुजराती, अहमदाबाद के रहने वाले बीके रावत और उनके सहयोगी इरफान सैयद के रूप में हुई है। हमारी प्रारंभिक जांच में पता चला कि गुजराती और रावत 'बोर्ड ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिसिन, अहमदाबाद' की आड़ में गिरोह चला रहे थे।"
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गुजरात में फर्जी मेडिकल डिग्री गिरोह के सरगना की पहले कांग्रेस नेता होने की बात सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधा।
आरोपी फर्जी चिकित्सक पहले सूरत में कांग्रेस के चिकित्सक प्रकोष्ठ का प्रमुख था।
कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए रसेश गुजराती को 2021 में पद से हटा दिया गया था।
प्रदेश सरकार में गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने शुक्रवार को सूरत में संवाददाताओं से कहा, “रसेश गुजराती फर्जी चिकित्सकों को डिग्री प्रमाण पत्र देता था। कांग्रेस नेता ने पैसे लेकर कई असामाजिक तत्वों को फर्जी चिकित्सक बनाने में मदद की।”
पुलिस ने बृहस्पतिवार को गुजराती, उसके सहयोगी बीएम रावत और दस अन्य चिकित्सकों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उनके पास से कथित तौर पर फर्जी बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो-होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीईएमएस) की डिग्री बरामद की।
पुलिस ने फर्जी चिकित्सकों के क्लीनिक से एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, सिरप की बोतलें और प्रमाण पत्र भी जब्त किए थे।
(भाषा)


