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नई दिल्ली, 31 मई | आईआईटी दिल्ली अब 'ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग' विभाग की स्थापना करेगा। यह नया यूजी कार्यक्रम 'बी.टेक. एनर्जी इंजीनियरिंग' इसी साल से पेश किया जाएगा। ऊर्जा के क्षेत्र में इंजीनियरिंग के दायरे का विस्तार करने के लिए 'ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग' विभाग शुरू किया जा रहा है। आईआईटी के सेंटर फॉर एनर्जी स्टडीज को इस नए विभाग के रूप में तब्दील किया जाएगा। संस्थान के बोर्ड ने सेंटर फॉर एनर्जी स्टडीज के रूपांतरण के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
सोमवार को इस विषय में आधिकारिक जानकारी देते हुए आईआईटी दिल्ली ने कहा कि नए विभाग से उम्मीद की जाती है कि वह ऊर्जा के क्षेत्र में संस्थान के शिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों पर जरूरी फोकस और ²श्यता प्रदान करेगा। साथ ही इसका उद्देश्य ऊर्जा की बढ़ती मांग को कम लागत पर पूरा करना है। यह ऊर्जा पर्यावरण फ्रैंडली भी होगी।
तीन मौजूदा एम. टेक पाठ्यक्रमों के अलावा अस्तित्व में आने वाला नया विभाग एक स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम की पेशकश भी करेगा। जेईई (एडवांस्ड) क्वालिफाई करने वाले 40 छात्रों के प्रवेश के साथ यह बीटेक एनर्जी इंजीनियरिंग 2021-2022 में शुरू कर दिया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली में सीईएस के प्रमुख, प्रोफेसर केए सुब्रमण्यम ने कहा, "विभिन्न ऊर्जा और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के प्रति लचीले रिस्पांस और दूरदर्शिता रखनी होगी। बी टेक एनर्जी इंजीनियरिंग कार्यक्रम, छात्रों को ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने लिए डिजाइन किया गया है। इसका उदेश्य ऊर्जा पहुंच, आपूर्ति गुणवत्ता और विश्वसनीयता के साथ-साथ दक्षता में सुधार, डी-कार्बोनाइजेशन और ऊर्जा आपूर्ति की लागत कम करना है।"
आईआईटी दिल्ली के मुताबिक बी टेक के इस स्नातक कार्यक्रम से कोर एनर्जी में सर्वश्रेष्ठ तकनीकी नौकरियां मिलने की संभावना है। (आईएएनएस)


