महासमुन्द

मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना
17-Feb-2021 4:31 PM
मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना

महासमुन्द, 17 फरवरी। कांग्रेस सरकार के जन घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नर्सरी शिक्षक के रूप में उन्नयन करने की घोषणा पर अब तक अमल नहीं होने से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना दिया। 

सोमवार को जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने घोषणा पत्र के साथ 7 अन्य मांगों को लेकर मुख्य सचिव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। पटवारी कार्यालय में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नर्सरी शिक्षक के रूप में उन्नयन की घोषणा की थी। आज प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बने हुए दो वर्ष बीत गए हैं, लेकिन घोषणा के अनुरुप आज तक मांग पूरी नहीं हो पाई है। मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जल्द से जल्द मांग पूरी करने की अपील की। धरने के पश्चात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने कलेक्टोरेट कार्यालय तक रैली निकाल महिला बाल विकास विभाग के मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मुख्यालय के अलावा जिले के बसना, पिथौरा, बागबाहरा और सरायपाली में भी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं और सहायिकाएं आंदोलन पर रही।

इनकी प्रमुख मांगों में सरकारी कर्मचारी घोषित करने, एमपी व अन्य राज्यों की तरह यहां भी सरकार की ओर से 11 हजार रुपए मानदेय स्वीकृत करने, जन घोषणा पत्र के अनुसार नर्सरी शिक्षक के रूप में उन्नयन करने, समूह बीमा, मासिक पेंशन, हेतु नीति निर्धारित करने, आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त कार्यकर्ताओं के पद पर सहायिकाओं को लिए जाने के वर्तमान 25 प्रतिशत का बंधन रखा गया है जिसे समाप्त कर कार्यकर्ता के रिक्त पद पर सहायिकाओं की निशर्त लिया जाए, मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र को पूर्ण आंगनबाड़ी में परिवर्तित करने के साथ ही सुपरवाइजर के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित करने सहित अन्य मांगें शामिल है।


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