महासमुन्द

धान उठाव धीमा, उपार्जन केंद्रों में जाम के हालात
30-Jan-2022 6:31 PM
धान उठाव धीमा, उपार्जन केंद्रों में जाम के हालात

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 30 जनवरी।
उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव में सुस्ती का नतीजा यह है कि केंद्रों में धान के बोरियों का पहाड़ खडा़ हो गया है। जिले में खरीदी का मात्र 50 फीसदी ही उठाव मिलिंग और संग्रहण केंद्र में किया गया है, वहीं 35 लाख क्विंटव धान जाम है। शुरुआत में उठाव की रफ्तार कम होने के कारण जाम की स्थिति बनी थी। आगामी 7 फरवरी तक धान की खरीदी करने के निर्देश हैं। ऐसे में प्रतिदिन 2 लाख 63 हजार क्विंटल की खरीदी होगी। इसकी वजह से फिर उपार्जन केद्रों में धान जाम हो जाएगा।

इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी जयदेव सोनी का कहना है कि लगातार उठाव चल रहा है। बारिश की वजह से उठाव की रफ्तार कम हो गई थी। खरीदी का 50 फीसदी उठाव हो गया है। मिलिंग के साथ संग्रहण केंद्र भी धान भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 26 लाख क्विंटल का उठाव मिलर्स ने कर लिया है। वहीं 9 लाख धान संग्रहण केंद्र में भेज दिया गया है। बता दें कि एफसीआई से मिलर्स को अलाट नहीं मिलने के कारण भी उठाव में देर हुआ है।

मालूम हो कि 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू हुई थी। 31 जनवरी तक खरीदी का अंतिम समय सरकार ने निर्धारित किया था। लेकिन दो बार बेमौसम बारिश होने के कारण खरीदी प्रभावित हुई। इसके चलते निर्धारित समय तक धान की खरीदी करना असंभव था। वहीं किसान भी खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने किसानों की मांग पर समय सीमा 7 फरवरी तक बढ़ा दी है। इस वक्त जिले के 132 समितियों में क्षमता से अधिक धान रखा है। इसकी वजह से खरीदी करने में प्रबंधकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन समितियों से उठाव कम होने के कारण यहां धान जाम हो रहा है। कुल 132 समितियों में चार हजार से लेकर 17 हजार तक धान रखा हुआ है। इसके अलावा पांच से छह समिति में करीब 15 से 17 हजार क्विंटल धान अतिरिक्त जाम है।


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