ताजा खबर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 1 अप्रैल। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के छोटे-बड़े सैकड़ों अस्पतालों में आज से 45 वर्ष से अधिक उम्र के 58 लाख से अधिक लोगों को कोरोना टीके लगाए जा रहे हैं, और इसके लिए टीकाकरण केन्द्रों में सुबह से लोगों की भारी भीड़ लगी रही। उनका कहना है कि सतर्कता के साथ-साथ समय पर कोरोना टीका लगवा लेना ही सही है। टीका न लगवाने से कोरोना का खतरा बना रहेगा। हालांकि टीका लगवाने के बाद नियमों का पालन जरूरी है।
प्रदेश में पहले चरण में हेल्थ एवं फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना टीके लगाए गए। दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 45 से 59 वर्ष के अन्य गंभीर बीमारी से पीडि़त लोगों को टीके शुरू किए गए। इन सभी वर्ग के लोगों को टीकाकरण जारी था, कि सरकार ने अब 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू कर दिया है। प्रदेश में इस वर्ग में 58 लाख 66 हजार से अधिक लोग शामिल हैं, और वे सभी केद्रों तक पहुंचकर टीकाकरण कराने में लगे हैं।
राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ नगर स्थित सामुदायिक भवन में कोरोना टीका लगवाने सुबह से लोगों की जमकर भीड़ लगी रही। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोग जल्द से जल्द टीका लगवाने में जुट गए हैं। इसी तरह एम्स, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, पुरानी बस्ती समेत सरकारी-निजी लगभग सभी अस्पतालों में लोगों की भीड़ पहुंचती रही। लोगों का कहना है कि राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में कोरोना का खतरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में तुरंत टीका लगवाना जरूरी है, ताकि अपनी और अपने परिवार की जान सुरक्षित रहे।
बुजुर्गों की भी भारी भीड़
टीकाकरण केन्द्रों में कोरोना टीका लगवाने बुजुर्गों की भी रोज भारी भीड़ लग रही है। वे सभी घंटों इंतजार कर कोरोना टीका लगवा रहे हैं। इसमें कई 80-90 साल के बुजुर्ग भी शामिल हैं। उन्हें उम्मीद है कि टीका लगने के बाद उन्हें संक्रमण का डर कम रहेगा।



