ताजा खबर
दुनिया की प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर ने कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने और इसे जारी करने को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन कंपनी के एक पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक और वाइस प्रेसीडेंट का कहना है कि कोरोना तो खत्म हो चुका है और इस महामारी को खत्म करने के लिए किसी वैक्सीन की जरूरत नहीं है।
लाइफसाइट न्यूज डॉट कॉम ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें फाइज़र के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. माइकल येडोन ने कहा है कि महामारी को खत्म करने के लिए वैक्सीन की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा है कि "मैंने वैक्सीन को लेकर ऐसी बकवास कभी नहीं सुनी है।"
येडोन ने कहा, "आप ऐसे लोगों का वैक्सीनेशन नहीं कर सकते हैं, जिन्हें बीमारी का खतरा नहीं है। जिस वैक्सीन का मानवों पर बड़े पैमाने पर परीक्षण नहीं किया गया है, उन्हें आप लाखों फिट और स्वस्थ लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना के बारे में निश्चित नहीं हो सकते हैं।"
वैक्सीन को लेकर डॉ येडोन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एडवाइजर ग्रुप फॉर एमरजेंसीज (एसएजीई) की व्यापक आलोचना हो रही है। एसएजीई यूके की एक सरकारी एजेंसी है, जो सरकार को आपातकाल परिस्थितियों में सलाह देती है। लाइफ साइट न्यूज डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, एसएजीई ने ब्रिटेन में सार्वजनिक लॉकडाउन नीतियों के निर्धारण में एक प्रमुख भूमिका निभाई है।
येडोन ने एसएजीई द्वारा छोटी-छोटी कई गलतियों को भी उजागर किया है, जिसके कारण पिछले सात सालों से जनता परेशान हुई है। उन्होंने कहा, "एसएजीई का कहना है कि सभी लोग अतिसंवेदनशील थे और सिर्फ सात संक्रमित हुए हैं। मुझे लगता है कि यह सचमुच अविश्वसनीय है। उन्होंने श्वसन वायरस के खिलाफ इम्यूनोलोजिकल मेमोरी के क्षेत्र में सभी मिसाल को नजरअंदाज कर दिया है।"
येडोन ने आगे कहा, "उन्होंने या तो कई विश्व-अग्रणी क्लिनिकल इम्यूनोलॉजिस्टों से उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले काम को देखा नहीं या फिर उसकी अवहेलना की है, जो दिखाती है कि लगभग 30 प्रतिशत आबादी में पूर्व प्रतिरक्षा थी।"
गौरतलब है कि फाइजर ने पिछले शुक्रवार को ही घोषणा की थी कि वह अपने कोविड -19 वैक्सीन के लिए अमेरिकी नियामकों से आपातकालीन स्वीकृति की मांग कर रहा है।
-आईएएनएस


