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आदेश के ख़िलाफ़ अपील करेगी कंपनी
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनडीटीवी के प्रमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय के प्रतिभूति बाज़ार (शेयर मार्केट) में कारोबार करने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया है साथ ही उन्हें 12 साल पहले इनसाइडर ट्रेडिंग के ज़रिए अवैध रूप से कमाए 16.97 करोड़ रुपये की रक़म को लौटाने का निर्देश भी दिया गया है.
हालांकि कंपनी ने इन आरोपों से यह कहते हुए इनकार किया है कि वो इसके ख़िलाफ़ तुरंत अपील करेगी.
एनडीटीवी के संस्थापकों राधिका तथा प्रणय रॉय का प्रतिनिधित्व करने वाले डीएमडी एडवोकेट्स के वरिष्ठ पार्टनर फेरेश्ते सेठना के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कहा है कि 'इनसाइ़र ट्रेडिंग' को लेकर दिया गया सेबी का आदेश तथ्यों के ग़लत आकलन पर आधारित है, और अपील के बाद जांच में सही साबित नहीं होगा. अपील तुरंत दाखिल की जाएगी.
सेबी के आदेश में एनडीटीवी के तीन पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों पर भी जुर्माना लगाया गया है, जिनमें कंपनी के पूर्व सीईओ और सीएफ़ओ भी शामिल हैं.
इसके साथ ही नियामक संस्था ने कंपनी के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए सात व्यक्तियों और कंपनियों पर भी एक से दो साल का प्रतिबंध लगाया है. इनमें से कुछ लोगों को तब कि शेयर ट्रेडिंग से हुई अवैध कमाई को वापस करने को कहा गया है जब उनके पास अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचना (यूपीएसआई) था.
यूपीएसआई कंपनी के आंतरिक मामले से जुड़ी वह जानकारी है जिसका कंपनी ने खुलासा नहीं किया हो और इसके आधार पर कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़ा कोई व्यक्ति अथवा संस्था शेयरों की ख़रीद बिक्री से मुनाफ़ा कमाए तो उसे इनसाइडर ट्रेडिंग कहते हैं. सेबी के 1992 में बनाए क़ानून के मुताबिक यह गैर क़ानूनी है.(https://www.bbc.com/hindi)


