ताजा खबर
बेंगलुरु, 11 जून।हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हैदराबाद स्थित कंपनी TEC Aero Devices के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने LCA Mk-1A फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए पार्ट्स सप्लाई करते समय नकली टेस्ट रिपोर्ट्स जमा कीं।
HAL ने बेंगलुरु के HAL पुलिस स्टेशन में 2 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई है। कंपनी के CEO M. Sivarama Prasad के खिलाफ IPC की धारा 420, 465 और 468 के तहत केस दर्ज किया गया है।
क्या है मामला?
HAL के अनुसार, मार्च 2022 में TEC Aero Devices को LCA Mk-1A प्रोजेक्ट के लिए 18 परचेज ऑर्डर दिए गए थे। बाद में कंपनी द्वारा जमा की गई 199 टेस्ट रिपोर्ट्स की जांच की गई। जांच में पता चला कि इन रिपोर्ट्स में Axis Inspection Solutions नाम की लैब का जिक्र किया गया था, लेकिन यह लैब इन टेस्ट्स से पूरी तरह अनजान है। यानी रिपोर्ट्स फर्जी थीं।
HAL ने कहा कि कंपनी ने इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए पार्ट्स की गुणवत्ता को सही दिखाने की कोशिश की।
HAL का बयान
HAL ने स्पष्ट किया है कि इन फर्जी रिपोर्ट्स वाले पार्ट्स को किसी भी विमान में इस्तेमाल नहीं किया गया है। साथ ही कंपनी को इन पार्ट्स का कोई भुगतान भी नहीं किया गया है।
HAL ने TEC Aero Devices को मार्च 2027 तक अपनी ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है, यानी इस अवधि तक कंपनी HAL को कोई सामान या सेवा नहीं दे सकेगी।
पृष्ठभूमि
LCA Mk-1A भारतीय वायुसेना के लिए बनाया जा रहा स्वदेशी फाइटर जेट है। इसके पुर्जों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है। ऐसे में नकली टेस्ट रिपोर्ट्स का मामला HAL के लिए गंभीर माना जा रहा है।
HAL ने इस मामले की जांच के लिए आंतरिक ऑडिट भी शुरू कर दिया है, ताकि सप्लाई चेन में किसी और तरह की गड़बड़ी का पता लगाया जा सके।
वर्तमान स्थिति
TEC Aero Devices के खिलाफ पुलिस जांच चल रही है।
कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
HAL ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
यह घटना रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।


