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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 9 जून। एक पुलिस आरक्षक को पुराना वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित रूप से वसूली करने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने आरक्षक सहित चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि एक वर्ष पुराने वीडियो को सोशल मीडिया में प्रसारित नहीं करने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की गई थी।
पुलिस के अनुसार घटना की शुरुआत तब हुई जब सिविल लाइन थाने के बाहर चाय दुकान संचालित करने वाले सोनू ठाकुर ने आरक्षक मनोज साहू को एक वीडियो भेजा। वीडियो में आरक्षक थाना परिसर में सोते हुए दिखाई दे रहा था और उसके पास बीयर की बोतल भी नजर आ रही थी। बताया गया कि यह वीडियो करीब एक वर्ष पुराना था।
शिकायत के मुताबिक सोनू ठाकुर ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल नहीं करने के बदले आरक्षक से एक लाख रुपये की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। हालांकि आरक्षक ने कोई राशि देने से इनकार कर दिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित कर दिया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर 6 जून को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल ने सोनू ठाकुर को बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह स्वयंभू पत्रकार बताए जा रहे अनुज श्रीवास्तव और जिया खान के कहने पर आरक्षक से बातचीत कर रहा था। उसने यह भी बताया कि सिरगिट्टी थाने में पदस्थ आरक्षक रितेश मिश्रा ने उक्त वीडियो उपलब्ध कराया था।
जांच पूरी होने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने 8 जून को पीड़ित आरक्षक की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरक्षक रितेश मिश्रा, अनुज श्रीवास्तव, जिया खान और सोनू ठाकुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 के तहत जबरन वसूली और अवैध वसूली से संबंधित प्रकरण कायम किया है।


