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बहराइच में अपने छह साल के बच्चे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ी मां
22-May-2026 9:20 AM
बहराइच में अपने छह साल के बच्चे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ी मां

-अरशद अफ़ज़ाल खान

उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िले में एक महिला ने तेंदुए से लड़ते हुए अपने छह साल के बच्चे को बचाया.

गुरुवार सुबह तेंदुआ बच्चे को पास के गन्ने के खेत में घसीटकर ले जाने की कोशिश कर रहा था.

तभी बच्चे की मां मीना देवी उससे भिड़ गईं. इस दौरान उन्हें हाथ, पैर, पीठ और सिर में चोटें आईं, जबकि उनके बेटे मोहित को मामूली चोटें आईं.

यह घटना कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी के कतर्नियाघाट रेंज के तेलियनपुरवा गांव की है.

गांव वालों के मुताबिक़, मीना देवी अपने बेटे मोहित के साथ सड़क किनारे बैठी थीं, तभी घने गन्ने के खेत से अचानक एक तेंदुआ निकलकर आया. किसी के कुछ समझने से पहले ही उसने बच्चे पर हमला कर दिया और उसे खेत की ओर घसीटने लगा.

वहां मौजूद लोगों ने बताया कि मीना देवी ने हिम्मत नहीं हारी. तेंदुआ बार-बार उन पर पंजों से हमला करता रहा, लेकिन उन्होंने बच्चे को नहीं छोड़ा.

शोर और चीख-पुकार सुनकर गांव वाले लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे. जिसके बाद तेंदुए ने आख़िरकार बच्चे को छोड़ दिया और खेत की ओर भाग गया.

फ़ॉरेस्ट ऑफ़िसर ने क्या बताया?

घटना के दौरान 26 साल के ग्रामीण उमेश घायल हो गए थे. उन्होंने बताया, “कई मिनट तक यह एक मां और तेंदुए के बीच की लड़ाई थी, लेकिन वो एक बार भी पीछे नहीं हटीं.”

घायल मीना, मोहित और उमेश को पहले सुजौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मिहींपुरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया.

डिविजनल फ़ॉरेस्ट ऑफ़िसर (डीएफओ) अपूर्वा दीक्षित ने कहा कि घायलों को सरकारी नियमों के तहत चिकित्सा सहायता और आर्थिक मदद दी जा रही है. उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों की मंज़ूरी से इलाक़े में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है.

वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद फ़ॉरेस्ट रेंज ऑफ़िसर(एफ़आरओ) आशीष गौड़ अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और इलाक़े में निगरानी अभियान शुरू किया. वन अधिकारियों को आशंका है कि तेंदुआ अभी भी आसपास के खेतों में छिपा हो सकता है.

डीएफ़ओ दीक्षित ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने, खासकर सुबह और शाम के समय खेतों या जंगल के किनारों पर अकेले न जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि कतर्नियाघाट के आसपास के गांवों में लोगों और जंगली जानवरों के बीच टकराव को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.

इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है और लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि दोबारा कोई हमला न हो.  (bbc.com/hindi)


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