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सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने नौवीं क्लास से तीन भाषाओं की पढ़ाई करना ज़रूरी कर दिया है. इस पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई के क्लास 12 में ओएसएम सिस्टम को लेकर भी सरकार को घेरा है.
कांग्रेस नेता ने एक्स पर लिखा, "पहले नीट पेपर लीक, जिससे 22 लाख स्टूडेंट्स प्रभावित हुए. फिर सीबीएसई क्लास 12 के स्टूडेंट्स को ख़राब ओएसएम सिस्टम की वजह से उम्मीद से कम अंक मिले. इससे कई स्टूडेंट्स कॉलेज में दाख़िले की पात्रता खो बैठे. अब सीबीएसई की ओर से क्लास 9 के लाखों स्टूडेंट्स से 1 जुलाई से अचानक नई भाषा सीखने को कहा गया है, जबकि न शिक्षक हैं, न किताबें."
उन्होंने आरोप लगाया कि "14 साल के बच्चों को 'अस्थायी' तौर पर क्लास 6 की किताबें दी जा रही हैं."
राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश के हर आयु वर्ग के स्टूडेंट्स को निराश किया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय 'आपदाओं का विभाग' बन गया है.
सीबीएसई ने साल 2026-27 एकेडमिक सेशन से क्लास 9 में आने वाले स्टूडेंट्स को तीसरी भाषा (आर 3) की पढ़ाई अनिवार्य कर दी है. हालाँकि 10वीं बोर्ड एग्ज़ाम में तीसरी भाषा के पेपर से छूट दी गई है.
15 मई को जारी एक सर्कुलर में बोर्ड ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और स्कूल एजुकेशन के लिए नेशनल करिकुलम फ़्रेमवर्क 2023 के मुताबिक, इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएँ भारतीय मूल की होनी चाहिए.(bbc.com/hindi)


