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लखनऊ, 20 फरवरी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक सांसद-विधायक अदालत में पेश हुए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उनकी टिप्पणी से संबंधित मानहानि मामले में बयान दर्ज कराया।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, "राहुल गांधी सुल्तानपुर में सांसद-विधायक अदालत में पेश हुए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उनकी टिप्पणी से संबंधित मानहानि मामले में बयान दर्ज कराया।"
उन्होंने कहा कि अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख नौ मार्च तय की है, जिस पर राहुल गांधी को अपने बचाव में सबूत पेश करने के लिए कहा गया है।
राहुल गांधी सुबह करीब 10.40 बजे सुल्तानपुर की अदालत में दाखिल हुए और करीब 11.15 बजे मामले में बयान दर्ज कराने के बाद वहां से चले गए।
अदालत में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान के बारे में विस्तार से बताते हुए काशी प्रसाद शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, "अदालत को दिए अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हैं। मेरी और मेरी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से और राजनीतिक द्वेष से मेरे खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। आरोप निराधार हैं, मैंने कभी किसी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है और न ही किसी को बदनाम करने के इरादे से ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है। झूठी शिकायत को तोड़-मरोड़कर दायर किया गया है।’’
जिस पर सांसद/विधायक न्यायालय के जज शुभम वर्मा ने अगली सुनवाई के लिए नौ मार्च की तिथि नियत की है।
भाजपा नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि वादी (भाजपा नेता विजय मिश्रा) और दो गवाहों से जिरह पूरी हो चुकी है।
इस बीच, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा से जब पूछा गया कि राहुल गांधी ने ऐसा कौन सा बयान दिया, जिससे वे आहत हुए, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, "राहुल गांधी ने बेंगलुरु में यह बयान दिया था। 2018 में एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हत्यारा कहा था। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में हत्यारा शब्द का इस्तेमाल किया था."
मिश्रा ने शुक्रवार को कहा, "उन्होंने उनके (शाह) बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। मैं इससे बहुत आहत हुआ। अपनी पार्टी के नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद हमने उनके खिलाफ अदालत में शिकायत दर्ज कराई।"
मिश्रा जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने बताया, ''अदालत ने मामले में अगली तारीख नौ मार्च तय की है।''
उन्होंने बताया कि गांधी लखनऊ के लिए रवाना हो गये और वहां से वह वापस दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
अपना बयान दर्ज कराने के बाद जब गांधी अदालत से बाहर निकले तो कांग्रेस समर्थकों का एक भारी हुजूम वहां पहुंचा और उनके पक्ष में नारे लगाए। राहुल मुस्कुराए और जाने से पहले भीड़ की ओर हाथ हिलाया।
अदालत की सुनवाई से पहले, कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सुल्तानपुर में पोस्टर लगाए हैं, जिन पर लिखा है 'सत्यमेव जयते' (सच्चाई की हमेशा जीत होती है)।
यह मामला 2018 का है जब स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।
पिछले पांच साल से मुकदमा चल रहा है. दिसंबर 2023 में, अदालत के समक्ष उपस्थित न होने पर राहुल गांधी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था।
उन्होंने फरवरी 2024 में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद एक विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25,000 रुपये की दो जमानत राशि पर जमानत दे दी।
इसके बाद 26 जुलाई, 2024 को राहुल गांधी ने अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया।
बाद में अदालत ने शिकायतकर्ता को मामले में सबूत पेश करने का निर्देश दिया। (भाषा)


