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छोटे अस्पतालों को बंद करने सरकार की मंशा-डॉ. गुप्ता
12-Feb-2026 10:26 PM
छोटे अस्पतालों को बंद करने सरकार की मंशा-डॉ. गुप्ता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 12 फरवरी। एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया छत्तीसग़ढ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा छोटे अस्पतालों को बंद करने की है जिससे सरकार को कम संख्या में अस्पताल कवरेज से आयुष्मान योजना के तहत कम मरीजों का इलाज़ और भुगतान करना पड़े।

डॉ गुप्ता ने कहा कि HEM 2 पोर्टल के लिए जिस तरह स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों पर सीधा दबाव बनाया जा रहा है, बीस बिस्तरों के अस्पताल में अनुपात से 3 MBBS डॉक्टर अनुबंधित करने और केवल स्पेशलिस्ट को ही नर्सिंग होम एक्ट में आयुष्मान रजिस्ट्रेशन की पात्रता रखने के लिए बाध्य किया जा रहा है उससे राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट है।

छत्तीसगढ़ में बड़े अस्पताल मुख्यतः केवल तीन शहरों रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग - भिलाई में केंद्रित हैं HEM पोर्टल की बाध्यता से पूरी आयुष्मान योजना केवल तीन शहरों में केंद्रित हो जाएगी। प्रदेश के बाकी शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा छोटे अस्पतालों और नर्सिंग होम पर ही निर्भर है। इन छोटे अस्पतालों में अधिकतर इलाज आयुष्मान योजना से ही होता है।

HEM2 पोर्टल के अव्यवहारिक नियम लाद कर राज्य सरकार इन छोटे अस्पतालों को ताले लगाना चाहती है जिससे आयुष्मान योजना में सीमित वित्तीय संसाधन आबंटित करने वाली सरकार को आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों के ईलाज का भुगतान नहीं करना पड़े।

डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार के इस कदम से प्रदेश की स्वास्थ व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी। छोटे शहरों के लोग इलाज के लिए दर दर भटकने को मजबूर हो जायेंगे।

डॉ. राकेश गुप्ता ने प्रदेश के सभी अस्पताल संचालकों से आह्वान किया कि वे सब अपने अपने क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से मिलकर इस विषय को उनके संज्ञान में लाएं और इस विधानसभा के सत्र में जोरदार तरीके से उठाने का आग्रह करें। जनप्रतिनिधियों और विधायकों के विफल रहने पर सरकार का हर स्तर पर विरोध करने की तैयारी करें।


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