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बिलासपुर से दिल्ली उड़ानों में कटौती का पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा असर
19-Jan-2026 12:13 PM
बिलासपुर से दिल्ली उड़ानों में कटौती का पूरे छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा असर

रायपुर से टिकट 12 हजार तक पहुंचा, सातों दिन उड़ान शुरू करने की मांग तेज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 19 जनवरी। बिलासपुर से दिल्ली की सीधी उड़ानों में कटौती का खामियाजा पूरे संभाग को ही नहीं, रायपुर के यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है। उड़ानों की संख्या घटकर केवल तीन दिन रह जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है, वहीं रायपुर से दिल्ली जाने वाली उड़ानों के किराए भी आसमान छूने लगे हैं।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने मांग की है कि बिलासपुर से दिल्ली की उड़ानें पहले की तरह सप्ताह में 6 या 7 दिन तुरंत शुरू की जाएं। समिति का कहना है कि उड़ानें घटने से व्यापार, नौकरीपेशा, मरीजों और छात्रों सभी को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

समिति के अनुसार यदि 18 या 19 जनवरी को दिल्ली जाने के लिए टिकट लिया जाए, तो रायपुर से दिल्ली का किराया 8,500 से 12,000 रुपये तक पहुंच रहा है। केवल एक रात की फ्लाइट, जो आधी रात के बाद दिल्ली पहुंचती है, उसमें किराया करीब 6,000 है, लेकिन कोहरे के कारण यात्री उस उड़ान को लेना पसंद नहीं कर रहे।

इस स्थिति में कई यात्री नागपुर होकर दिल्ली जाना ज्यादा सस्ता और सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। बिलासपुर से रायपुर टैक्सी से जाने पर करीब 2,000 रुपये खर्च होते हैं, जबकि ट्रेन से नागपुर 1,000 में पहुंचा जा सकता है। नागपुर से दिल्ली का हवाई किराया अभी भी 6,000 रुपये के आसपास मिल रहा है। इस तरह बिलासपुर ही नहीं, रायपुर को भी उड़ानें कम होने का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि यह मान लेना गलत है कि केवल रायपुर एयरपोर्ट पूरे छत्तीसगढ़ की जरूरतें पूरी कर सकता है। राज्य के बड़े शहरों, खासकर बिलासपुर में बड़े एयरपोर्ट और नियमित उड़ानों की जरूरत है, ताकि यात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई सेवा मिल सके।

समिति का महा धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में मनोज तिवारी, अनिल गुलहरे, समीर अहमद, बबला बद्री यादव, रवि बनर्जी, देवेंद्र सिंह ठाकुर, प्रतीक तिवारी, शिरीष कश्यप, मजहर खान, शेख अल्फाज, मोहन जायसवाल, संतोष पीपलवा, प्रकाश बहरानी, अमर बजाज, रणजीत सिंह खनूजा, गोपी राव, महेश दुबे, आमिर खान, संदीप बाजपेई, परसराम कैवर्त, बद्री प्रसाद कैवर्त, अखिल अली और मोहसिन अली सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।


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