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एनआईटी रायपुर की रिपोर्ट के बाद शासन ने भेजा प्रस्ताव, हाईकोर्ट को दी गई जानकारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 9 जनवरी। प्रदेश की जर्जर सड़कों को लेकर गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शपथपत्र पेश कर बताया कि एनआईटी रायपुर की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद नेहरू चौक से पेंड्रीडीह (रायपुर रोड) तक सड़क के समुचित पुनर्निर्माण के लिए लगभग 46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही काम तेज़ी से शुरू किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को तय की गई है।
हाईकोर्ट ने प्रदेशभर की खराब सड़कों का स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ शहर के भीतर आने वाली प्रमुख सड़कों की स्थिति पर भी अदालत ने ध्यान दिया है। इससे पहले रायपुर–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक सड़क की बदहाल हालत पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा व जस्टिस अरविंद वर्मा खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि पूर्व आदेश का आशय केवल किनारों की सफाई या रंगाई-पुताई नहीं, बल्कि सड़क का वास्तविक पुनर्निर्माण है। अदालत ने शासन से पूछा था कि अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए, जबकि खराब सड़कों से जनता की जान को खतरा है।
पूर्व सुनवाई में शासन ने सड़क अध्ययन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की दलील दी थी। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि वर्षों तक केवल स्टडी के नाम पर समय बर्बाद किया गया, जबकि जनता जोखिम में रही। अदालत ने तुरंत नवीनीकरण शुरू करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे।
राज्य सरकार ने बताया कि सर्वे और सॉयल टेस्ट का काम एनआईटी रायपुर को सौंपा गया था और उसकी रिपोर्ट अब मिल चुकी है। इसी आधार पर नेहरू चौक से पेंड्रीडीह तक सड़क के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।
कोर्ट ने पहले नियुक्त न्यायमित्रों द्वारा दी गई विभिन्न सड़कों की रिपोर्ट पर भी कार्रवाई की जानकारी ली। शासन ने बताया कि इन रिपोर्टों के आधार पर मौके की जांच शुरू हो चुकी है और आवश्यकतानुसार संबंधित सड़कों का भी कायाकल्प किया जाएगा।


