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सीएम ने स्वर्णलता सिंहदेव को दी श्रद्धांजलि
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 8 जनवरी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आगामी 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री का संकल्प है, जिसे राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को भी तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
गुरुवार को अंबिकापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव के निवास पर पहुंचकर उनकी माता स्वर्गीय स्वर्णलता सिंहदेव के निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और श्रद्धांजलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि उनका निधन 26 दिसंबर को हुआ था।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद समाप्त करना ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले तीन महीनों में यह संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई देगा।
मुख्यमंत्री साय ने जी-राम-जी योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए इसे मनरेगा से अधिक प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि इस नए अधिनियम के तहत मजदूरों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जिससे उन्हें 25 दिन अतिरिक्त काम का लाभ मिलेगा। साथ ही मजदूरी भुगतान के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा तय की गई है। यदि तय समय में भुगतान नहीं होता है तो संबंधित विभाग को पेनल्टी देनी होगी, जिससे मजदूरों को समय पर मेहनताना मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना से किसानों को भी राहत मिलेगी। बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी की समस्या को देखते हुए साल में दो महीने की छुट्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्यों में संतुलन बना रहेगा।इस अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम सहित कई भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद थे।


