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भुवनेश्वर, 8 जनवरी। ओडिशा उच्च न्यायालय समेत कई अदालतों के अधिकारियों को बृहस्पतिवार को धमकी भरे गुमनाम ईमेल मिलने से न्यायिक कार्यवाही बाधित हुई।
अधिकारियों ने बताया कि परिसर को नुकसान पहुंचाने की धमकी वाले इन ईमेल के प्राप्त होने के बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को उड़िया भाषा में एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें प्रेषक ने कटक, संबलपुर और देवगढ़ स्थित जिला अदालतों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, “कई अदालतों को परिसर को नुकसान पहुंचाने की धमकी भरा एक गुमनाम ईमेल दो बजकर 35 मिनट पर प्राप्त हुआ। पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए गहन जांच शुरू की।”
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाईबी खुराना ने बताया, “एहतियात के तौर पर पुलिस जांच कर रही है और सभी संबंधित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।”
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने संबलपुर, कटक और देवगढ़ की जिला अदालतों को बम से उड़ाए जाने की धमकियों की खबर पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने उच्च अधिकारियों को घटना की जांच करने और सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, माझी ने गृह विभाग के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से चर्चा की तथा उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी और दोषियों को तुरंत पकड़ने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा सकती।
उन्होंने अधिकारियों को इस घटना को गंभीरता से लेने और जांच करने का निर्देश दिया, साथ ही संबंधित स्थानों पर अधिकारियों को भेजकर इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने व ऐसी घटनाओं के पीछे के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने को कहा।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार शाम इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक में घटना की समीक्षा करेंगे।
महाअधिवक्ता पी. आचार्य ने कहा कि यह संभवतः एक फर्जी ईमेल है। धमकी भरे ईमेल के मद्देनजर, विभिन्न स्थानों पर अदालती कार्यवाही स्थगित कर दी गई है।
न्यायाधीश, वकील और वादी अदालत परिसर से बाहर आ गए तथा उचित जांच के लिए परिसर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। (भाषा)


