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व्हाट्सएप ग्रुप में मस्जिद को तोड़े जाने के संदेश फैलाये गये, उसी से भड़की हिंसा: दिल्ली पुलिस
08-Jan-2026 8:15 PM
व्हाट्सएप ग्रुप में मस्जिद को तोड़े जाने के संदेश फैलाये गये, उसी से भड़की हिंसा: दिल्ली पुलिस

नयी दिल्ली, 8 जनवरी। दिल्ली में तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के कथित विध्वंस की अफवाहों का खंडन करने के लिए अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई की लेकिन उसे हवा देने में कई व्हाट्सएप ग्रुपों पर प्रसारित भ्रामक दृश्य संदेशों ने तनाव पैदा करने में अहम भूमिका निभायी। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में इस मस्जिद के पास मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई थी। कई लोगों ने पथराव किया जिससे इलाके के थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

पुलिस के अनुसार इस मामले में कुल 10 लोग गिरफ्तार किये गये तथा एक किशोर को पकड़ा गया।

पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश पर अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू करने से पहले विभिन्न सामुदायिक, धार्मिक और इलाकाई व्हाट्सएप ग्रुप में मुख्य रूप से आडियो संदेश के जरिए यह अफवाह फैलायी गयी कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) मस्जिद को ध्वस्त कर रहा है।

जांचकर्ताओं ने बताया कि जब आडियो संदेश प्रसारित होने शुरू हुए, तब कई व्हाट्सएप ग्रुप पहले से ही पुलिस की निगरानी में थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारी टीम इन समूहों में घुस गयी और झूठे दावों का सक्रिय रूप से खंडन किया। इससे भीड़ को सीमित करने और व्यापक लामबंदी को रोकने में मदद मिली।’’

पुलिस ने बताया कि आक्रामक या भड़काऊ रवैया प्रदर्शित करने वाले लगभग चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप पर कड़ी निगरानी रखी गयी थी। उसने यह भी बताया कि घटना से ठीक पहले कोई नया ग्रुप नहीं बनाया गया था, ऐसे में इस पहलू की जांच की जा रही है कि क्या अफवाहें पूर्वनियोजित थीं।

अधिकारी ने कहा,“जैसे ही गलत सूचना फैली, हमारे सहायक पुलिस आयुक्तों और थाना प्रभारियों ने अमन समिति के सदस्यों, समुदाय के बुजुर्गों और धार्मिक नेताओं से संपर्क कर स्पष्ट किया कि मस्जिद को छुआ नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से मौलवियों से बात करके इस डर को दूर किया।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य) निधिन वलसन ने अभियान से कुछ दिन पहले 120 से अधिक मौलवियों के साथ बैठकें की गयी थीं और उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया था कि केवल अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे और मस्जिद इस कार्रवाई का हिस्सा नहीं है।

पुलिस ने कम से कम 10 सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर्स’ की पहचान भी की है, जिन्होंने कथित तौर पर मस्जिद के ध्वस्त होने के झूठे संदेश फैलाए थे और एक महिला इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (भाषा)


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