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मंत्रालय में सीएम ने ली बैठक, जिले के विधायकों ने भी रखे सुझाव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला विकास केंद्र बनेगा। 6 जनवरी को महानदी भवन, नया रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बिलासपुर के समग्र शहरी विकास के लिए ठोस राजनीतिक और प्रशासनिक पहल की शुरुआत हुई।
इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप-मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री साय के समक्ष बिलासपुर के लिए अगले 10 से 15 वर्षों का विस्तृत विकास रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में भविष्य की जनसंख्या, शहरी विस्तार, यातायात प्रबंधन, आवास, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और एकीकृत सिटी प्लानिंग पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर लागू होने वाली योजनाओं पर काम होगा।
सरकार का लक्ष्य बिलासपुर को केवल बड़ा शहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ का नया आर्थिक, शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र बनाना है। बेहतर लॉजिस्टिक्स, मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और नए निवेश अवसरों के जरिए बिलासपुर को मध्य भारत के प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे उत्तरी छत्तीसगढ़ को भी नई आर्थिक दिशा मिलेगी।
वित्त मंत्री चौधरी ने आश्वस्त किया कि विकास रोडमैप को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, आवास, शहरी परिवहन और मूलभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं को केंद्र सरकार के साथ तालमेल में गति मिलेगी।


